उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में आई आपदा में मृतक दो भाई बहन कोरोना से बचने को गांव आए थे, पर मौत से नहीं बच पाए। अगर स्कूल खुले होते तो टांगा गांव के दो मासूम मलबे में दफन होने की जगह अन्य बच्चों की तरह उछल-कूद रहे होते। पर इन बच्चों को क्या पता था कि जिस महामारी से अपनी जान बचाने के लिए गांव आए हैं, वहां आपदा के नाम पर मौत मुंह खोले उनका इंतजार कर रही है। अब गांव में उनकी यादें ही बाकी हैं।