लद्दाख में शहीद देव बहादुर की पार्थिव देह का गांव पहुंचने का इंतजार परिजनों के साथ ही क्षेत्र के लोगों को भी बेसब्री से है। इसके साथ ही उन दोस्तों को भी शव का इंतजार है, जिनका बचपन से लेकर जवान होने तक का सफर देव के साथ गुजरा। ये दोस्त हर सुख-दुख में हमेशा एक-दूसरे के साथ रहे। शहीद के साथ बिताए लम्हों को याद कर दोस्त भावुक हो जाते हैं। उनकी आंखें डबडबा जाती हैं। शहीद के दोस्त जिंदगी का दामन छोड़ चुके अपने जिगरी दोस्त के अंतिम दर्शन के लिए तरस रहे हैं।