पिथौरागढ़/चंपावत। लोकसभा चुनाव को देखते हुए लोगों को उम्मीद थी कि सरकार बजट में कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं लेकिन 58 मिनट के बजट भाषण में कुछ लोगों निराशा तो कुछ को खुशी मिली। बजट को लेकर पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को काफी उम्मीद थी कि सरकार वन्यजीवों से फसलों को हो रहे नुकसान को ध्यान में रखते हुए कुछ सहूलियत देगी लेकिन ऐसा नहीं होने से किसान मायूस दिखे। गृहणियों का कहना है कि बजट में महंगाई को कम करने के भी कोई खास कदम नहीं उठाए गए है जबकि व्यापारी वर्ग बजट को मिला-जुला बता रहा है। मध्यम वर्ग के चेहरे पर थोड़ी खुशी है। गृहिणियों ने कहा कि बजट में महंगाई और रसोई जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कोई बात नजर नहीं आ रही है। इस बजट में जरूरी वस्तुओं की कीमतों में कोई कमी नही कि गई है। बजट में महिलाओं, महंगाई को ध्यान में रखते हुए पेश किया जाता तो बेहतर होता। संवाद
कोट
महिला, किसान और युवाओं को सशक्त बनाने वाला बजट बताया जा रहा है लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ नहीं है। इस समय देश महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। बजट में सबसे पहले इस पर फोकस किया जाना चाहिए था। - भावना नगरकोटी, पिथौरागढ़।
सरकार का बजट केवल चुनावी बजट है। इसमें युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं है। किसान को भी कुछ नहीं मिला है। रोजगार को लेकर बजट में कुछ नहीं है। - भुवन पांडेय, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस, पिथौरागढ़।
अंतरिम बजट में रोजगार के नए अवसर के लिए बहुत आस लगाई थी लेकिन सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए बजट में उम्मीद से कम दिया। यह बजट रोजगार की उम्मीद लगा रहे युवाओं को निराश कर गया। - रोहित गढ़कोटी, युवा पिथौरागढ़।
लंबे समय से पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे हैं। इस मांग पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बजट में सीमांत क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को लेकर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। -मयूख भट्ट, पूर्व सैनिक पिथौरागढ़।
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बजट में उठाए गए सभी प्रावधान ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए कारगर साबित होंगे। मध्यम वर्ग के लिए यह बजट बेहतर नजर आ रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ देखने को मिलेगा। - पार्वती देवी, पूर्व दुग्ध संघ अध्यक्ष।
केंद्र सरकार की ओर से अंतरिम बजट में महिलाओं का ध्यान नहीं रखा गया। महंगाई, रसोई गैस और अन्य जरूरी समान की वस्तुओं के दामों को कम करने को लेकर किसी प्रकार का प्रावधान नहीं है। बजट से महिलाओं को काफी उम्मीदें थी। - मीनाक्षी, गृहिणी।
रसोई गैस, खाद्य वस्तुओं सहित जरूरी सामान में किसी तरह की रियायत मिलती नहीं दिख रही है। अंतरिम बजट से सभी वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बजट निराशाजनक है। - गीतांजलि, गृहिणी।
केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में आने वाले समय में महंगाई काबू में रहेगी। महिलाओं को रसोई और अन्य जरूरी वस्तुओं में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त चार्ज से राहत देखने को मिलेगी। - विनीता फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख रेखा देवी।
केंद्र सरकार की ओर से पेश किया गया बजट सभी वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। महिलाओं और मध्य वर्ग सहित किसानों को इसका सीधा लाभ देखने को मिलेगा। देश हित में बजट बेहतर है। - सुमनलता, ब्लॉक प्रमुख, पाटी।
केंद्र सरकार का बजट पूरी तरह निराशाजनक रहा। बजट किसी भी वर्ग के अनुरूप नहीं है। लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी कर्मियों को बजट से कुछ नहीं मिला। - पूरन कठायत, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस, चंपावत।
मोदी सरकार का बजट कारगर और सबके हित वाला है। सभी वर्गों का ध्यान रखकर बजट पेश किया गया है। सभी लोगों को आने वाले दिनों में इसका लाभ होगा। इसमें मध्यम वर्ग, महिला, बेराेजगार, महंगाई सहित सभी मुद्दों का समावेश है। - मुकेश कलखुड़िया, जिला महामंत्री, भाजपा।
महंगाई बहुत बढ़ रही है। बजट में व्यापारियों के लिए कुछ भी खास नहीं है। टैक्स स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया गया हैं। व्यापारी वर्ग की उम्मीदों पर यह बजट खरा नहीं लगता है। - कमलेश राय। व्यापारी।
सरकार के अंतरिम बजट से व्यापारियों को बड़ी उम्मीद थी। 58 मिनट के इस बजट ने सभी वर्ग के लोगों के सपने बिखेर दिए। केंद्र सरकार का यह बजट मिला जुला रहा। देखते है इससे क्या लाभ होगा। - दिनेश जोशी, व्यापारी।