सेनरगाड़ में पुल के टूटने से चीन सीमा से संपर्क टूट गया है। सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इसी रास्ते से भारतीय जवानों को रसद और खाद्य सामग्री पहुंचा जाती है।
एक दर्जन से अधिक माइग्रेशन गांवों का संपर्क टूटा
सेनर गाड़ में पुल टूटने से सीमांत के दो दर्जन से अधिक माइग्रेशन गांवों का मुनस्यारी मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पुल के टूटने से धापा, क्वीरीजिमिया, साईपोलो, लीलम, बुईपातों सहित मल्ला जोहार के मिलम, विल्जू, बूर्फू टोला पांछू, लास्पा, गनघर, खिलाच रिलकोट गांव का संपर्क टूट गया है।
मिलम मार्ग पर मना करने के बावजूद ट्राला चालक ने पोकलैंड से लदे वाहन को पुल के ऊपर से गुजार दिया। पुल टूटने के दौरान बनाए गए वीडियो में पुल का चौकीदार पुल पर ट्राला ले जाने से मना करते साफ सुना जा सकता है। सामरिक महत्व की सड़क पर बने पुल के चौकीदार खड़क सिंह ने बताया कि उसने बिना अनुमति पोकलैंड मशीन से लदे ट्राला को पुल से ले जाने को मना किया था। लेकिन चालक ने नहीं माना।
चौकीदार खड़क सिंह ने बताया कि ट्राला चालक ने यह भी कहा था कि पुल को कुछ नहीं होगा। लोगों का कहना है कि ये पुल पहले भी कॉर्नर में टूट गया था। कार्यदायी संस्था को ठीक करने को कहा गया था, लेकिन पुल ठीक नहीं किया गया। मल्ला जोहार विकास समिति के अध्यक्ष राम सिंह धर्मशक्तू का कहना है कि यह पुल पहले भी टूट चुका है। इस पुल को हल्के वाहनों के प्रयोग के लिए बनाया गया था। इस मामले में एबीसीआई कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी ने बताया कि ट्राला चालक को पुल क्रॉस नहीं करने को कहा गया था। इसके बावजूद वह नहीं माना।