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पिथौरागढ़ बेस अस्पताल में धूल फांक रही है आरटीपीसीआर मशीन सैंपल जा रहे हैं बाहर जांच को

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बेस अस्पताल पिथौरागढ़। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के लिए केंद्र सरकार से मिली आरटीपीसीआर मशीन पिछले 10 माह से बेस अस्पताल में धूल फांक रही है। मशीन संचालन के लिए अभी तक माइक्रोबायोलॉजिस्ट (मेडिकल) की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है।
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आरटीपीसीआर मशीन के शुरू नहीं होने से कोविड सैंपल जांच के लिए 220 किमी दूर हल्द्वानी भेजे जा रहे हैं। इस कारण जांच रिपोर्ट आने में काफी देरी हो रही है।
पिथौरागढ़ में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से 10 माह पूर्व भेजी गई आरटीपीसीआर मशीन इंस्टॉल नहीं हो पाई है। मशीन के संचालन के लिए माइक्रोबॉयोलाजिस्ट (मेडिकल) और पैथोलॉजिस्ट की जरूरत है। जिले में पैथोलॉजिस्ट तो है लेकिन माइक्रोबायोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
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मशीन का संचालन नहीं होने के कारण कोरोना जांच के लिए सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए 220 किमी दूर एसटीएच हल्द्वानी भेजे जा रहे हैं। इनकी रिपोर्ट आने में चार दिन का समय लग जाता है।
आरटीपीसीआर मशीन के आने के बाद लोगों को यहीं कोविड जांच सैंपलों की उम्मीद थी लेकिन लोगों की उम्मीदों के आगे स्वास्थ्य विभाग खरा नहीं उतर पाया है। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. केसी भट्ट का कहना है आरटीपीसीआर मशीन मेरे अंडर नहीं आती है। जिससे दिक्कत हो रही है।
बढ़ते कोरोना के मामले के बाद भी सरकार आरटीपीसीआर मशीन को शुरू करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। अगर सीमांत जिले में आरटीपीसीआर जांच शुरू हो जाती है तो सैंपल को हल्द्वानी या अन्य जगह नहीं भेजना पड़ेगा। सैंपलों की रिपोर्ट भी तुरंत मिल जाएगी। - मुकेश पंत, प्रदेश मीडिया कोआर्डिनेटर कांग्रेस।
आरटीपीसीआर जांच मशीन इंस्टॉल करने के लिए अभी टीम नहीं पहुंच पाई है। मशीन के संचालन के लिए माइक्रोबायोलॉजिस्ट (मेडिकल) की नियुक्ति के लिए पूर्व में पत्राचार किया गया है। - डॉ. एचसी पंत, सीएमओ पिथौरागढ़।
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