पिथौरागढ़। जनपद में परिवहन सुविधाएं आधुनिक और व्यवस्थित करने का काम जल्द शुरू हो जाएगा। करीब छह करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन, ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तथा इंटीग्रेटेड बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो चुका है। बस अब परिवहन विभाग को डेटा कनेक्टिंग की प्रक्रिया पूरी करनी है, जिसके पूरा होते ही एटीएस का संचालन शुरू हो जाएगा और जिले के लोगों को व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए टनकपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चंडाक-मड़धूरा क्षेत्र में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन में आवश्यक सॉफ्टवेयर की स्थापना का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस यह व्यवस्था वाहन परीक्षण और ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जनपद में एटीएस की स्थापना से वाहन स्वामियों और आवेदकों को वाहन फिटनेस तथा ड्राइविंग टेस्ट से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही आधुनिक तकनीक से परीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक और इंटीग्रेटेड बिल्डिंग के निर्माण से परिवहन विभाग की सेवाएं भी बेहतर होंगी। इससे आमजन के परिवहन संबंधी विभिन्न कार्यों आसानी से हो सकेंगे।
..............
ढांचागत, मशीनों और सॉफ्टवेयर की स्थापना के सभी काम पूरे हो चुके हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को एनओसी के लिए भी हमने आवेदन कर दिया है। अब बस परिवहन विभाग को वाहनों से संबंधित डेटा कनेक्टिंग की प्रक्रिया पूरी करनी है। हरीश प्रकाश, परियोजना प्रबंधक, पेयजल निर्माण निगम