पिथौरागढ़ एसडीएस में स्थापित खगोल विज्ञान की कार्यशाला।
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में एसडीएस जीआईसी पिथौरागढ़ और जीआईसी मुनस्यारी के विद्यार्थी खगोल विज्ञान पढ़ेंगे। इन स्कूलों को अधिक छात्र संख्या के आधार पर खगोल विज्ञान पढ़ने का मौका मिला है। खगोल विज्ञान विषय का अध्ययन कक्षा एक से इंटर तक के छात्र कर सकेंगे।
जिले में जीआईसी मुनस्यारी और जीआईसी एसडीएस पिथौरागढ़ में छात्र खगोल विज्ञान को करीब से जानेंगे। राज्य सरकार ने जिले में खगोल विज्ञान के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें छात्र संख्या के आधार पर दोनों स्कूलों को खगोल विज्ञान पढ़ाने के लिए चयनित किया गया है। इनमें खगोल विज्ञान की कार्यशाला स्थापित कर दी गई है। खगोल विज्ञान विषय से संबंधित टेलीस्कोप, तारों से संबंधित सभी सामग्री कार्यशाला में राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध करा दी गई हैं। अप्रैल 2021 से खगोल विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी है। दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक खगोल विज्ञान विषय के प्रचार-प्रसार में जुट गए हैं।
दोनों स्कूलों की छात्र संख्या है 1042
पिथौरागढ़। जीआईसी मुनस्यारी और एसडीएस की कुल छात्र संख्या 1042 है। जीआईसी एसडीएस की छात्र संख्या 630 है। इनमें 130 छात्राएं और 500 छात्र हैं। मुनस्यारी स्कूल की छात्र संख्या 412 है। इनमें 265 छात्राएं और 147 छात्र हैं।
सीमांत के दोनों स्कूलों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। जिन छात्रों को खगोल के रहस्य जानने की इच्छा होगी, वह इसमें निश्चित तौर पर प्रवेश लेंगे। स्कूल के एक कक्ष में एक लाख की लागत से खगोल विज्ञान की कार्यशाला स्थापित की जा चुकी है। छात्र संख्या के आधार पर जिले के जीआईसी मुनस्यारी और जीआईसी एसडीएस का चयन हुआ है।
- मोहन चंद्र पाठक, जीआईसी एसडीएस, पिथौरागढ़।