पिथौरागढ़ में जैकफिलप्स की ओर से आयोजित बैठक में विभिन्न संगठनों के लोग। संवाद
पिथौरागढ़। जिला पंचायत सभागार में टीम जैकफिलप्स (ज्वाइंट एक्शन कैंपेन फाॅर इनर लाइन परमिट सिस्टम) के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें सदस्यों ने उत्तराखंड के अस्तित्व और मूल निवासियों के अधिकारों को बचाए रखने के लिए अनुच्छेद 731, इनर लाइन परमिट और मूल निवास 1950 की आवश्यकता पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थिति है। यहां के मूल निवासियों की आर्थिक स्थिति और तेजी से जनसांख्यिकीय बदलाव और संवेदनशील सीमांत क्षेत्र होने के कारण सांविधानिक सुरक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। बाहरी राज्यों से लोगों की अनियंत्रित रूप से बढ़ती हुई आबादी के कारण संस्कृति, भाषा और पारंपरिक रीति-रिवाज खतरे में आ रहे हैं। इसके अलावा आपराधिक घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
संविधान में राज्यों की सांस्कृतिक, सामाजिक सुरक्षा और मूलनिवासी के अधिकारियों के हनन को रोकने के लिए अनुच्छेद 371, इनर लाइन परमिट और मूल निवास के प्रयोग से पूर्वोत्तर के हिमालयी सहित भारत के कई राज्यों को सुरक्षित परिवेश मिला है। इसलिए उत्तराखंड में भी अनुच्छेद 371, इनर लाइन परमिट, मूलनिवास 1950 का प्रावधान किया जाना चाहिए।
बैठक में टीम जैकफिलप्स के दीपक जोशी, पूर्व सैनिक शमशेर महर, प्रकाश जोशी, इंजी. एलपी जोशी, सेवानिवृत शिक्षक पुष्कर दत्त जोशी सहित सीनियर सिटीजन संगठन, पेंशनर्स एसोसिएशन, पूर्व सैनिक संगठन आदि विभिन्न संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो- 10पीटीएच 04पी- पिथौरागढ़ में जैकफिलप्स की ओर से आयोजित बैठक में विभिन्न संगठनों के लोग। संवाद