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फिर जगने लगी आस, 35 राजस्व गांवों की बुझेगी प्यास

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चंडिकाघाट पेयजल योजना के निर्माण को लेकर सर्वे करते जल निगम के अधिकारी। - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। बाराबीसी क्षेत्र के 35 राजस्व गांवों के लिए चंडिकाघाट पेयजल योजना को स्वीकृति मिल गई है। इस पेयजल योजना की लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे। पेयजल योजना को भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार से स्वीकृति मिलने पर लोगों ने खुशी प्रकट की है। इसके लिए लोगों ने पेयजल मंत्री का आभार प्रकट किया है।
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3.5 एमएलडी की चंडिकाघाट पेयजल योजना के लिए सरकार से जल जीवन मिशन योजना के तहत 17.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। 97 किमी लंबी पाइप लाइन बिछाने के लिए 7780 पाइप लगेंगे। योजना के तहत चंडिकाघाट में 3.5 एमएलडी का कुआं बनाया जाएगा। पेयजल योजना के बनने के बाद रसैपाटा, कौलपानी, बुंगाछीना, अलगड़ा, सुवालेक, देवलथल, हराली, पथरौली सहित 35 राजस्व गांवों को फायदा मिलेगा। स्वीकृत राशि मिलते ही जल निगम पेयजल योजना का निर्माण कार्य शुरू देगा। सामाजिक कार्यकर्ता हरीश तिवारी ने कहा कि पेयजल योजना को स्वीकृति मिलना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।
35 राजस्व गांवों में पेयजल संवर्धन के भी होंगे कार्य
पिथौरागढ़। चंडिकाघाट पेयजल योजना से लाभान्वित होने वाले 35 गांवों में पेयजल संवर्धन और पुराने स्रोतों के रिचार्ज आदि के कार्य भी होंगे। इसके लिए इसी योजना के तहत भारत सरकार से 71 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस राशि से संबंधित ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य कार्य कराएंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे। संवाद
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चंडिकाघाट पेयजल योजना को स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए 17.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। अभी जिओ नहीं आया है। राशि मिलते ही आगे के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। - पीयूष डिमरी, सहायक अभियंता, जल निगम पिथौरागढ़।
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