पिथौरागढ़। पिछले साल 2021 में कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए टीकाकरण शुरू हुआ। इसके तहत फ्रंटलाइन वर्कर्स, कोरोना योद्धा, बुजुर्ग, 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हो चुका है।
अभी 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण करवा चुके बच्चे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। अभिभावक भी अपने पाल्यों का टीकाकरण करा कोरोना से लड़ाई में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि अब भी पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों का टीकाकरण शुरू न होने से उनके अभिभावक मायूस हैं। उन्हें डर है कि कोविड की चौथी लहर का संक्रमण बढ़ेगा तो इसकी चपेट में बच्चों के भी आने का खतरा बढ़ जाएगा। इस कारण विभिन्न संगठन के लोग, शिक्षाविद, खिलाड़ी अब पांच साल से बड़े बच्चों के टीकाकरण की मांग सरकार से कर रहे हैं।
बालिगों का टीकाकरण पूरा हो चुका है। अब पांच से 12 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण न होने से खतरा बना है। कोविड की चौथी लहर भी आ रही है। ऐसे में उन्हें संक्रमण हो सकता है। इसलिए बच्चों का टीकाकरण जल्द शुरू कराना चाहिए। - डॉ. अशोक पंत, निदेशक, एशियन एकेडमी, पिथौरागढ़।
कोविड के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। दो साल बाद जब बच्चे स्कूल आए तो उनकी मनोदशा में काफी बदलाव मिला। पढ़ाई में भी उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसलिए बच्चों का टीकाकरण भी किया जाना चाहिए। - ममता सिंह, प्रधानाचार्य, निखिलेश्वर चिल्ड्रंस एकेडमी, पिथौरागढ़।
बच्चों का टीकाकरण भी बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों की मानें तो कोविड की दो और लहर आना तय है। ऐसे में 12 से छह आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू करा देना चाहिए, जिससे उन्हें भी सुरक्षा कवच मिल सके। - निवेदिता कार्की, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर, पिथौरागढ़।
देश में कोविड की चौथी लहर के संक्रमण की बढ़ती दर के बीच बच्चों का टीकाकरण जरूरी हो गया है। इसके बावजूद छोटे बच्चों का टीकाकरण शुरू न होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। विभाग भी सक्रियता बढ़ाए। - विनय किशोर, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी, पिथौरागढ़।
चौथी लहर ने अभिभावकों को चिंता में डाला
पिथौरागढ़। देश में कोरोना संक्रमण की बढ़ती चौथी लहर ने अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। सीमांत में अभिभावक अपने पाल्यों के टीकाकरण के लिए चिंतित नजर आने लगे हैं। टीका केंद्रों में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की भीड़ जुटने लगी है।
बच्चे अपने माता-पिता के साथ कोविड की रोकथाम में टीकाकरण के लिए आने लगे हैं जबकि कुछ समय पूर्व टीका केंद्रों में स्वास्थ्य कर्मी लोगों का इंतजार करते नजर आते थे। तब टीका केंद्रों में इक्का दुक्का ही लोग आते थे। अब रोजाना 50 से अधिक बच्चे टीकाकरण के लिए आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों में पूर्व की भांति टीकाकरण कराना चाहिए। इससे 14 से 12 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण 100 फीसदी समय पर पूरा हो सके। रोडवेज स्टेशन के पास बने टीका केंद्र में रोजाना 50 से अधिक बच्चे टीका केंद्रों पहुंच रहे हैं। प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत ने बताया कि टीका केंद्रों में अभी 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे और बालिग लोग रोज टीकाकरण के लिए पहुंच रहे हैं। छुट्टी वाले दिन बच्चों की संख्या काफी अधिक रहती है।