पिथौरागढ़/कनालीछीना। आशाओं की 12 सूत्री मांगों के लिए चल रहे आंदोलन को छात्रों ने समर्थन देते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में रीढ़ की तरह काम करती हैं। उसके बाद भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है।
मंगलवार को पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने डीएम कार्यालय के बाहर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा एनएचएम के अतिरिक्त मिलने वाले कार्यो को भी आशाएं पूरी जिम्मेदारी से पूरा करती हैं।
इसके बदले में उन्हें कोई राशि नहीं दी जाती। कोरोना काल भी संक्रमण के खतरे को भूलकर आशाओं ने सराहनीय कार्य किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र रावत ने एक पखवाड़े से आशाएं धरने में बैठी हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।
छात्रों ने कहा आशाओं की मांगें न्यायोचित हैं। अगर शीघ्र ही आशाओं की मांगों को लेकर सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में मुकेश, दीपक, नितिन, शिवम, रोहित, पंकज, सागर, सूरज, सोमेश आदि रहे।
कनालीछीना में आशा कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष कमला भट्ट के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर राजेश्वरी जोशी, भागीरथी, धाना देवी, सरस्वती, निर्मला, माधवी, महेश्वरी, गीता देवी, हंसी जोशी, रेनू दिगारी, तनुजा सामंत आदि रही।