पिथौरागढ़। एसएस जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में प्रवेश लेने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। छात्रसंघ और छात्रों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय ने 30 फीसदी सीटों की संख्या बढ़ा दी है। ऐसे में वंचित छात्रों को प्रवेश मिलने की उम्मीद जग गई है।
इस वर्ष बीए प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए 2573 छात्रों, बीकॉम में 338, बीएससी बायोलॉजी में 483, बीएससी गणित में 457 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। बीए प्रवेश समिति की डॉ. सरोज वर्मा ने बताया कि 1130 छात्रों को प्रवेश दिया जा चुका है।
बीएससी प्रवेश समिति के डॉ. जेएस गढ़िया ने बताया बीएससी में 650 और बीकॉम प्रवेश समिति के डॉ. अभिषेक पंत ने बताया कि 240 छात्रों का प्रवेश दिया जा चुका है।
हालांकि 30 फीसदी सीटें बढ़ने के बाद भी कई छात्र प्रवेश से वंचित हो जाएंगे। प्रभारी प्राचार्य प्रो. पुष्कर सिंह बिष्ट ने बताया कि 30 फीसदी सीटें प्रथम सेमेस्टर में बढ़ा दी गई हैं।
सामान्य वर्ग के छात्रों के 80 फीसदी अंक जरूरी
पिथौरागढ़। एसएसजे अल्मोड़ा के लिए श्रेष्ठता सूची के आधार प्रवेश दिया जा रहा है। सामान्य वर्ग में 80 फीसदी से अधिक, सामान्य महिला में 76, अनुसूचित जाति में 72.6, अनुसूचित जाति महिला में 69.6, अन्य पिछड़ा वर्ग में 73.2, अनुसूचित पिछड़ा वर्ग महिला 69.6, अनुसूचित जनजाति 62.8, अनुसूचित जनजाति महिला 49.6, आर्थिक रूप से कमजोर 61 और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी/भूतपूर्व सैनिक/दिव्यांग वर्ग में 40 फीसदी अंक वाले छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।
इग्नू और मुक्त विश्वविद्यालय के खुले हैं रास्ते
पिथौरागढ़। अंकों का प्रतिशत अधिक जाने के कारण करीब 1500 छात्र इस बार पढ़ाई से वंचित हो जाएंगे। ऐसे में छात्र इग्नू और उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर वे अपना कॅरिअर बना सकते हैं।