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Pithoragarh News: साल भर संचालित होगी आदि कैलाश यात्रा, पर्यटन को लगेंगे पंख

Fri, 07 Aug 2026 11:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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फोटो-07 पीटीएच 07 पी-आदि कैलाश। संवाद
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पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा को साल भर (बारहमासी) संचालित करने की सरकार की ऐतिहासिक योजना से पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद है। इसको लेकर प्रशासन को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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मई से नवंबर तक सीमित रहने वाली इस यात्रा को 365 दिन चलाना आसान नहीं होगा। खराब सड़कों, दरकते पहाड़ों और मानसून की बाधाओं के बीच बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। प्रशासन के लिए इसकी सफलता के लिए सड़क, स्वास्थ्य, आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना होगा। बारहमासी यात्रा के लिए सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर यह रिपोर्ट पेश है। संवाद

सड़क को बेहतर बनाकर दरकते पहाड़ों को रोकना चुनौती
आदि कैलाश यात्रा मार्ग यानी धारचूला-गुंजी हाईवे ही हालत दयनीय है। इस मार्ग पर मलघाट, गर्बाधार, एस बैंड, एलागाड़, कुलागाड़ डेंजर जोन यात्रियों की कठिन परीक्षा ले रहे हैं। इन स्थानों पर आए दिन पहाड़ी दरकने से मार्ग बंद होता है इससे यात्रा प्रभावित होती है। वहीं हादसों का खतरा भी बना रहता है। मानसूनकाल में यह दिक्कत अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में शासन-प्रशासन के लिए इन डेंजर जोनों का ट्रीटमेंट कर दरकते पहाड़ों को रोकते हुए यात्रा सुचारु रखना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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स्वास्थ्य सुविधाओं का करना होगा इंतजाम
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर धारचूला से ऊपर कोई अस्पताल संचालित नहीं है। ऐसे में वर्तमान तक आदि कैलाश और मानसरोवर यात्रियों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी आईटीबीपी और सेना पर है। आदि कैलाश क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी के चलते आए दिन यात्रियों का स्वास्थ्य बिगड़ता है। यदि बारहमासी आदि कैलाश यात्रा शुरू हुई तो यात्रियों की संख्या भी बढ़ेगी। ऐसे में उनके लिए आदि कैलाश क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम करना जरूरी होगा।

यात्रियों के ठहरने की करनी होगी व्यवस्था
आदि कैलाश क्षेत्र में वर्तमान में 550 होम स्टे संचालित हैं जिनकी क्षमता 1500 के करीब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद आदि कैलाश यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमित समय के लिए यात्रा होने पर भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में यात्री आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। बीते दिनों संख्या अधिक होने से यात्रियों को वाहनों में भी रात गुजारनी पड़ी थी। बारहमासी यात्रा शुरू हुई तो यात्रियों की संख्या में और उछाल आएगा। ऐसे में शासन-प्रशासन को उनके रहने की व्यवस्था को भी ध्यान में रखते हुए योजना तैयार करनी होगी।

गुंजी में पेयजल की किल्लत
गुंजी आदि कैलाश यात्रा का प्रमुख पड़ाव है। वहां सालों से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण हमेशा पेयजल संकट से मुक्ति दिलाने की मांग करते हैं। यदि आदि कैलाश यात्रियों की संख्या बढ़ी तो इस संकट के बीच उनके लिए शुद्ध पानी का इंतजाम करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रहा है इजाफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्तूबर 2023 में कैलाश दर्शन के बाद पर्यटकों की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है। उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी ने बताया कि वर्ष 2023 में इस क्षेत्र में 17408 पर्यटक पहुंचे थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 125277 तक पहुंच गई। इस वर्ष पर्यटकों की संख्या 76930 से अधिक पहुंच गई है।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदि कैलाश यात्रा वर्ष पर संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आदि कैलाश यात्रा की व्यवस्था इस प्रकार से की जाएगी जिससे मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित नहीं होगी। दोनों यात्राएं व्यवस्थित रूप से चल सकेंगी। बारहमासी आदि कैलाश यात्रा से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार खुलेंगे।-आशीष कुमार भटगाईं, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़
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