टनकपुर (चंपावत)। मानसून की फुहारों के बीच पर्वतीय क्षेत्रों में वन्यजीवों की हलचल तेज हो गई है। दोगाड़ी वन रेंज के पूर्वी कालौनिया क्षेत्र में पिछले पखवाड़े से 20 से 25 हाथियों के झुंड के बेधड़क विचरण करने से जहां एक ओर वनों की जैव-विविधता नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों और वन विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने निगरानी कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में विशेष दलों को तैनात कर दिया गया है।
वन विभाग के अनुसार, तीन से चार हाथियों वाले कई छोटे-बड़े झुंड पूर्वी कालौनिया, छीनी और चेला बीट क्षेत्र में सक्रिय हैं। वनकर्मी उनके मूवमेंट पर लगातार नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी तरह की मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति से बचा जा सके।
विभाग का कहना है कि बारिश का असर कम होने के बाद हाथियों का रुख शारदा और हल्द्वानी वन प्रभाग की ओर अधिक होने की संभावना है।
रेंज प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में हाथी कॉरिडोर के जरिए शारदा रेंज होते हुए नेपाल की ओर जाने वाले झुंडों की संख्या पहले की तुलना में कम हुई है। अधिकारियों का मानना है कि नेपाल की ओर पारंपरिक मार्गों पर आबादी बढ़ने के कारण हाथी वहां कम जा रहे हैं और शारदा रेंज तक विचरण करने के बाद फिर दोगाड़ी रेंज की ओर लौट रहे हैं। इसी वजह से पहाड़ की तलहटी वाले जंगलों में उनका ठहराव बढ़ गया है।
दोगाड़ी वन रेंज के रेंजर धीरज जोशी ने बताया कि पूर्वी कालौनिया, छीनी और चेला बीट में हाथियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। झुंड आसपास की वन रेंजों में भी आ-जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाथियों की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वनकर्मियों की विशेष निगरानी लगाई गई है। साथ ही लोगों से जंगल से सटे क्षेत्रों में सतर्क रहने और हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग को तत्काल जानकारी देने की अपील की गई है।