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Pithoragarh News: देवलथल में गधेरे में डूबने से युवक की मौत

Sat, 31 May 2025 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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देवलथल के मेलापानी में गाड़ में बने इसी तालाब में डूबकर हुई युवक की मौत। संवाद
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पिथौरागढ़। सातसिलिंग-थल सड़क पर देवलथल के मेलापानी में एक युवक की गाड़ में डूबने से मौत हो गई। युवक अपने तीन अन्य साथियों के साथ घूमने गया था। गर्मी में थोड़ी ताजगी के लिए वह नहाने के लिए गाड़ में उतरा और डूबने से उसकी जान चली गई।
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जिला मुख्यालय के जाखनी निवासी तुषार ग्वाल (23) पुत्र राजेंद्र ग्वाल शनिवार सुबह अपने तीन साथियों के साथ घूमने के लिए घर से निकला था। चारों थल की तरफ निकले। दोपहर बाद वापसी में गर्मी का अहसास होने पर चारों देवलथल के मेलापानी में बहने वाली गाड़ में नहाने उतर गए। तीन दोस्त तो तैरना नहीं आने के कारण किनारे पर ही नहा रहे थे जबकि तुषार गाड़ में भीतर तक चला गया और वहां बने भंवर में फंस गया। साथियों ने उसे डूबता देख शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को तालाब से निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तुषार बी.कॉम करने के बाद अपने छोटे भाई के साथ हल्द्वानी में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इन दिनों वह अवकाश पर घर आया हुआ था। जाजरदेवल के थानाध्यक्ष प्रकाश पांडे ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने बताया कि संबंधित गाड़ में नहाने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद भी चारों युवक वहां नहाने पहुंच गए। युवक के पिता सरकारी विद्यालय में शिक्षक के पद तैनात हैं। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम है।
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तैराक था तुषार फिर भी पानी बना मौत का कारण
पुलिस पूछताछ में साथियों ने बताया कि तुषार को तैराकी में महारथ हासिल थी। नदियों और स्विमिंग पूल में तैरना उसका शौक भी था। आखिरकार तैराक तुषार की गाड़ में बने छोटे तालाब में डूबने से मौत हो गई। उसके अन्य किसी साथी को तैरना आता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
प्रतिबंध के बाद भी नहीं मान रहे लोग
जिले की प्रमुख नदियों में नहाने और तैरने पर प्रतिबंध है। फिर भी लोग खासकर युवा इस प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए अपनी जान खतरे में डालकर नहाने के लिए उतर रहे हैं। सेराघाट में बहने वाली सरयू नदी में बीते एक साल में डूबने से तीन से अधिक बच्चों और युवाओं की मौत हो चुकी है। वहीं थल में रामगंगा, घाट में रामेश्वर, झूलाघाट और जौलजीबी में काली नदी में युवा हर रोज बेखौफ डुबकी लगा रहे हैं। ऐसे में खतरा बढ़ गया है।
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