बेरीनाग। अनदेखी से नाराज आशा कार्यकत्रियों ने लंबी लड़ाई का ऐलान किया है। विरोध में अखिल भारतीय मजदूर संघ (एक्टू) के आह्वान पर जुलूस निकाल यहां प्रदर्शन किया गया। साथ ही तीन सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होने पर आगे भी आंदोलन करने का अल्टीमेटम दिया। आशा कार्यकत्रियां आशा फैसिलेटर की तरह मासिक मानदेय ग्यारह हजार रुपये देने की लंबे समय से मांग करती आ रही हैं।
आशा कार्यकत्रियों को प्रदेश सरकार ने 2011-12 से वार्षिक प्रोत्साहन राशि के रूप में पांच हजार रुपये देने का निर्णय लिया था। लेकिन इस वित्त वर्ष के करीब आठ माह बीतने के बाद भी एक रुपया उन्हें नहीं दिया गया है। इसी तरह गैरसैंण में हुई कैबिनेट की बैठक में आशा कार्यकत्रियों को बोनस देने का ऐलान किया गया था। लेकिन इस फैसले को अब तक लागू नहीं किया जा सका है। इन मसलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध जताया गया। बाद में उप जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। विरोध-प्रदर्शन में आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की ब्लाक अध्यक्ष सावित्री पंत, दीपा आर्या, पार्वती महरा, पुष्पा देवी, तारा आर्या, आशा देवी, दया कार्की, रेनु, कमला देवी आदि शामिल थीं।