मदकोट/अस्कोट (पिथौरागढ़)। मदकोट कस्बे में 11 वर्ष बाद फिर से रामलीला का मंचन शुरू हो गया है। रविवार की रात ब्लाक प्रमुख नरेंद्र रावत ने रामलीला का उद्घाटन करते हुए कहा कि अब इस परंपरा को खंडित न किया जाए। वह अपने स्तर से आयोजन को सहयोग करते रहेंगे।
प्रथम दिन नटी-सूत्रधार संवाद के बाद रावण द्वारा भगवान शिव की स्तुति का मंचन किया गया। रामलीला के फिर से शुरू हो जाने पर लोगों में खुशी है। बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। उद्घाटन के समय ग्राम प्रधान हरीश उप्रेती, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, संचालक मोहन सिंह कोरंगा, बबलू पांगती, ललित मेहता, संजय धामी, अनिल भट्ट समेत तमाम लोग थे।
अस्कोट की रामलीला में भरत भगवान राम को मनाने के लिए वन में जाते हैं लेकिन राम ने प्रण न तोड़ने की बात कहकर भरत को वापस लौटा दिया। भरत काफी दुखी और निराश होकर अयोध्या वापस लौट आए। भरत की भूमिका लवराज पाल, शत्रुघ्न की दीपेश पाल, राम की भूमिका गौरव पाल, लक्ष्मण की भूमिका अनुराग कुंवर, सीता की भूमिका दीपक बसेड़ा, मुनि की भूमिका ललित पाल निभा रहे हैं। मुख्य अतिथि युवा कल्याण अधिकारी डीएन पंत थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में तेज सिंह पाल मौजूद रहे। संचालक गोविंद भंडारी ने समाजसेवी केबी पाल को सम्मानित किया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ठंड के बावजूद लोगों में काफी उत्साह है।