धारचूला/ पिथौरागढ़। भूस्खलन के कारण बंद चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क मंगलवार को भी नहीं खुल सकी। जिले में तीन बाॅर्डर रोड सहित 17 सड़कें बंद हैं। पांगला में रोड बंद होने से वहां फंसे लगभग 40 लोग धारचूला लौट आए हैं लेकिन पांगला में अभी भी करीब 50-60 लोग मार्ग पर फंसे हुए हैं।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग तीन दिन से बंद हैं। बीआरओ ने पेलसिती और मलघाट में सड़क खोल दी है लेकिन गस्कू में भारी मलबा और बोल्डर के कारण यातायात सुचारु नहीं किया जा सका है। पांगला में फंसे लोग मंगलवार शाम को सुरक्षित धारचूला पहुंच गए। अशोक सिंह पतियाल, भजन सिंह रौतेला, नेत्र सिंह कुटियाल और लक्ष्मण ह्यांकी सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क बंद होने से उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुंजी से पूजा कर लौट रहे 50-60 ग्रामीण धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख रोड पर पांगला में सड़क बंद होने से तीन दिन से फंसे हुए हैं जिसमें काफी महिलाएं भी हैं।
मंगलवार को बीआरओ के कर्नल प्रशांत सिंह, तहसीलदार दमनशेखर राणा, कोतवाल विजेंद्र शाह और एनडीआरएफ की टीम ने गस्कू पहुंचकर बंद सड़क का जायजा लिया। मार्ग पर विशाल बोल्डर होने से सड़क खोलने में मुश्किलें आ रही हैं। मौसम ठीक रहने पर बुधवार को यातायात सुचारु होने की उम्मीद है। मंगलवार सुबह पिथौरागढ़-घाट सड़क पर भी मलबा आया था जिसे एनएच ने हटाकर थोड़ी देर में ही यातायात सुचारु करा दिया था।
जिले की ये सड़कें हैं बंद
तवाघाट-सोबला, तवाघाट-घट्टाबगड़, मुनस्यारी-मिलम, बगीचा-सिनियाखोला, मुनस्यारी-मिलम-बुईं, तवाघाट-सोबला-उमचिया, नाचनी-भैसकोट, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, खुमती-कटौजिया, मदकोट-बोना-झापुली, ऐलागाड़-जुम्मा, घटियाबगड़-तांकुल, डीडीहाट-देवीसूना, आदिचौरा-सीड़ी, गस्कू-जयकोट, होकरा-नामिक देवीसूना-खेतार कन्याल जमतड़ी।