भक्त दर्शन पांडेय
पिथौरागढ़। प्रदेश सरकार की अटल आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों को प्रदेश से बाहर के निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिलेगी। योजना के नोडल की ओर से राज्य सरकार को यह प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक अटल आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों को प्रदेश के सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में निशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है।
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना पिछले वर्ष 25 सितंबर को शुरू की थी। इसमें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के कार्डधारक सदस्यों को सभी सरकारी अस्पतालों सहित देश के चुनिंदा प्राइवेट अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा है। इस योजना में उत्तराखंड प्रदेश के पांच लाख परिवार शामिल हैं। केंद्र की इसी योजना की तर्ज पर प्रदेश में शुरू हुई इसी अटल आयुष्मान योजना में 18 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों के सदस्यों को भी प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा राज्य के सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश की योजना के कार्डधारक राज्य से बाहर के अस्पतालों में उपचार कराने पर अपने कार्ड का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
अटल आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों के लिए प्रदेश से बाहर के निजी अस्पतालों में पांच लाख तक निशुल्क उपचार की सुविधा का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। सहमति मिलते ही पोर्टेबिलिटी खोल दी जाएगी।
- डा. सरोज नैथानी, स्टेट नोडल अधिकारी, देहरादून
चिकित्सा के क्षेत्र में कुमाऊं की स्थिति बदतर
पिथौरागढ़। अटल आयुष्मान योजना के तहत ऋषितकेश स्थित एम्स में 1118, जौलीग्रांट में 2173, इंद्रेश में 926 और दून मेडिकल कालेज में 217 मरीज मुफ्त उपचार योजना का लाभ उठा चुके हैं। कुमाऊं मंडल में एसटीएच हल्द्वानी में इस योजना के तहत अब तक मात्र 292 लोगों को ही मुफ्त उपचार की सुविधा मिली है। अच्छी चिकित्सा सुविधा के अभाव में कुमाऊं से अधिकांश लोगों को उपचार के लिए देहरादून, बरेली या लखनऊ जाना पड़ रहा है।