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धारचूला से पिथौरागढ़ पहुंचाए 226 नेपाली मजदूर

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पिथौरागढ़ डिग्री कालेज में भोजन करते नेपाली मजदूर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़/धारचूला। लॉकडाउन के चलते पिछले 15 दिनों से धारचूला और जौलजीबी में रह रहे 226 नेपाली मजदूरों को जिला मुख्यालय भेजा गया है। इन्हें डिग्री कालेज और जीआईसी में रखा गया है। प्रशासन की ओर से मजदूरों के रहने, खाने की व्यवस्था की गई है।
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एसडीएम धारचूला अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि राहत शिविरों में नेपालियों की संख्या अधिक होने से जगह की कमी हो गई है। इसके चलते मजदूरों को जिला मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब धारचूला के राहत शिविरों में नेपालियों की संख्या 939 रह गई है। इन्हें जीआईसी बरम, बलुवाकोट, निगालपानी, स्टेडियम में रखा गया है।
धौलीगंगा पावर स्टेशन की ओर से स्टेडियम में 336 और निगालपानी में रह रहे 32 मजदूरों के खाने, बिस्तर, मेडिकल जांच की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को डिग्री कालेज में जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, एडीएम आरडी पालीवाल, एसडीएम तुषार सैनी ने मजदूरों के रहने और खाने की व्यवस्था का जायजा लिया। इस मौके पर भाजपा नेता राकेश देवलाल, एलएम भट्ट, प्रकाश जोशी समेत कई लोग मौजूद रहे। संवाद
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झूलाघाट में पीएसी तैनात
झूलाघाट। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा के लिए डेढ़ सेक्शन पीएसी की तैनाती हो गई है। रुद्रपुर 31 वीं वाहिनी से एक एसआई, एक हेड कांस्टेबल और 10 कांस्टेबल सीमा पर नजर रखे हुए हैं। एसओ महेश चंद्र ने बताया कि तालेश्वर, जामिरपानी, गौड़ीहाट, झूलाघाट और लमड़ा में 251 नेपाली मजदूर रह रहे हैं।
मुंबई से पिथौरागढ़ पहुंचा उमेश नाथ
पिथौरागढ़। 23 मार्च को मुंबई से निकला नाकोट क्षेत्र के गनगड़ा बास्ते निवासी उमेश नाथ 21 दिन बाद पिथौरागढ़ पहुंचा। एंबुलेंस से यहां पहुंचा उमेश अस्पताल में जांच कराकर घर रवाना हो गया। उमेश ने बताया कि वह मुंबई एक होटल में काम करता था। 23 मार्च को वह ट्रेन से वहां से चला लेकिन लॉकडाउन के चलते हल्द्वानी में फंस गया। मंगलवार को मरीज छोड़ने हल्द्वानी गई एक एंबुलेंस में किराया देकर वह यहां पहुंचा। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी जांच की और घर जाने को कहा। इसके बाद भी घंटों तक अस्पताल के बाहर ही बैठा रहा। उसने बताया कि उसका घर करीब 25 किमी दूर है। वह अब पैदल ही घर को जाएगा।
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सीपीसी में हो रही है बाहर से आने वाले लोगों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। मैदानी क्षेत्रों से आने वाले लोगों की जांच के लिए कोरोना प्राइमरी सेंटर (सीपीसी) बनाया गया है। सीपीसी में अभी तक 523 लोगों की जांच की गई। सभी को होम क्वारंटीन पर रहने के निर्देश दिए गए।
कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन से पांच हजार से अधिक लोग अपने घरों को लौटे हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश ढकरियाल ने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों की जांच के लिए जिला मुख्यालय में कोरोना प्राइमरी सेंटर बनाया गया है। छिटपुट रूप से अभी भी बाहर से आने वाले लोगों को जिलाधिकारी के आदेश पर प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सीपीसी में पहुंचाया जा रहा है। सीपीसी में चिकित्सकों की टीम इन लोगों की जांच कर रही है। साथ ही उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन पर रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बाहर से आने वाले लोग जिस ब्लॉक के हैं वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी को इन लोगों की जानकारी दी जा रही है। चिकित्साधिकारी और प्रशासन की टीम होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए लोगों पर कड़ी निगरानी रख रही है। मंगलवार को भी दो व्यक्ति नैनीताल से यहां पहुंचे। उनकी चिकित्सकीय जांच कर होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए।
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जिला अस्पताल में लगेंगे दो वैंटीलेटर
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए शीघ्र ही दो वैंटीलेटर लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने वैंटीलेटर के लिए कार्डियक मॉनीटर और पांच-पांच पंप का आर्डर दिया है। अस्पताल में एक वैंटीलेटर की सुविधा पहले से ही है।
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