पिथौरागढ़। जिले में 21वीं पशुगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पशुपालन विभाग वर्ष 2019 के आंकड़ों के हिसाब से टीमें बनाने की तैयारियों में जुटा है। अक्तूबर से दिसंबर 2024 तक पशुगणना करने के लिए करीब 65 प्रगणक और 12 सुपरवाइजर नियुक्घत किए गए हैं। यह घर-घर जाकर गणना करेंगे। पशुगणना ऑनलाइन एप के माध्यम से होगी।
पशु गणना में तैनात कर्मचारी घर-घर जाकर गाय, बैल, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर, घोड़ा, कुत्ता सहित अन्य पशुओं की विभिन्न प्रजातियों की गणना करेंगे। पशुगणना ऑनलाइन एप के माध्यम से होगी। इससे बिना नेटवर्क वाले इलाकों में भी प्रगणक गणना कर पाएंगे। इसके लिए टीम तैयार कर दी है। इसके लिए जनपद में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज जोशी को नोडल अधिकारी, विमल सिंह कुशवाहा को सांख्यिकीय अधिकारी नामित किया गया हैं।
पांच साल में कम हो गए 27 फीसदी भैंस
पिथौरागढ़। जिले में पशुओं की संख्या कितनी है इसका खुलासा 2024 दिसंबर में होगा। 2019 की गणना में 162869 गो वंशीय, 37056 भैंस, 44533 भेड़ और 226060 बकरियां थीं। इससे पहले भैंसों की संख्या 50996 थी जो घटकर 37056 रह गई है। भेड़ों की संख्या 47,336 से घटकर 44,533 है। इस तरह पशुओं की संख्या में लगातार कमी हुई है। मवेशियों के साथ ही पशुपालक भी घट गए हैं। संवाद
कोट
21वीं पशुगणना के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। इससे पशुओं की पहचान करने और योजनाएं बनाने में आसानी होगी। पशुपालकों को इसका लाभ मिल सकेगा। - डॉ. योगेश भारद्वाज, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पिथौरागढ़।