झूलाघाट (पिथौरागढ़)। नेपाल के बैतड़ी जिले में दशरथ चंद नगरपालिका-2 देहमांडू के भगवती निंग्लाशैनी मंदिर में नवरात्र की सप्तमी पर छोटी जात और अष्टमी के दिन बड़ी जात आयोजित की गई। इसमें 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां निंग्लाशैनी भगवती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मंदिर में 213 भैंसों और 436 बकरियों की बलि दी। इस मेले में भारत से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
सूदूर पश्चिम प्रदेश में निंग्लाशैनी मां भगवती की छह बहनें भी हैं जिनके नाम से बैतड़ी जिले में मां रणशैनी भगवती मंदिर (मां त्रिपुरा सुंदरी), मां डिलाशैनी भगवती मंदिर, मां मैलोली भगवती मंदिर, डोटी जिले में मां शैलेश्वरी भगवती मंदिर, बाजुरा जिले में मां बाड़ीमालीका भगवती मंदिर और डडेलधुरा में मां उग्रतारा भगवती मंदिर हैं।
निंग्लाशैनी भगवती सेवा समिति के कोषाध्यक्ष ने बताया कि निंग्लाशैनी भगवती मंदिर की जात को 68 जात भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर में जब तक 68 बलि के लिए जानवर नहीं आते हैं तब तक यहां पूजा-अर्चना के साथ जात नहीं बनाई जाती है। इस बार भी मेले में भारी भीड़ उमड़ी। मन्नत पूरी होने पर इस मंदिर में श्रद्धालु भैंसों और बकरों की बलि देते हैं। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए बैतड़ी पुलिस और सशस्त्र बल के जवान मौजूद थे।