धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत के व्यास घाटी के पारंपरिक माइग्रेशन पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लखनपुर में भूस्खलन के चलते पैदल आवाजाही पूरी तरह से बंद है। वही, अब तक पैदल पुल निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है। इससे माइग्रेशन करने वाले लोग चिंतित हैं।
व्यांस घाटी के लिए आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों को महाकाली नदी पार कर भारत एवं नेपाल से होते हुए गंतव्यों तक पहुंचना पड़ रहा है। विगत दिनों भारत एवं नेपाल के शीर्ष अधिकारियों की बैठक के बावजूद प्रस्तावित पैदल पुल का काम अभी शुरू नहीं हो पाया है, जबकि माइग्रेशन के दिन नजदीक आ रहे हैं। भारतीय क्षेत्र के गर्ब्यांग, बूंदी, नपलच्यू, गुंजी, नाबी, रौंगकांग, कुटी के लोगों ने जल्द से जल्द मार्ग बनाने की मांग की है।
व्यांस के भारत चीन व्यापार समिति के जीवन रौंकली, रं कल्याण संस्था के संरक्षक अशोक नबियाल का कहना है कि यदि अप्रैल में भी माइग्रेशन मार्ग नहीं खुला तो व्यास घाटी के लोग तो फंसेंगे ही, भारत-चीन व्यापार को भी लाखों का नुकसान होगा। उन्होंने जल्द से जल्द रास्ता खोलने और महाकाली पर पैदल पुल बनाने की मांग की है। एसडीएम आरके पांडे का कहना है कि नेपाल से हरी झंडी मिलते ही पैदल पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। लखनपुर-नजंग के बीच बीआरओ को मलबा हटाने के काम में तेजी लाने का कहा गया है।
हिमस्खलन से दारमा मार्ग क्षतिग्रस्त
दारमा मार्ग पर हिमस्खलन के चलते सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आवाजाही प्रभावित हो रही है। सोबला नाला, सेलानाला, नागलिंग नाला सहित कई गधेरों में हिमस्खलन के साथ काफी मलबा और बोल्डर आए हैं। इससे मार्ग चलने लायक नहीं रहा। लोग खतरों के बीच सफर कर रहे हैं। दूसरी ओर धौलीगंगा के उस पार के गांवों के लिए बना पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया है। क्षेत्र जिला पंचायत सदस्य मंजुला देवी ने जल्द सड़क की मरम्मत की मांग की है।