पिथौरागढ़। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील सीमांत जिले में मानसून काल नजदीक आते ही जर्जर विद्यालयों की मरम्मत का काम शुरू हुआ है। पहले चरण में 10 जर्जर विद्यालयों का कायाकल्प होगा। इसमें 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ क्लस्टर और दो पीएमश्री विद्यालय इसमें शामिल हैं। इन बदहाल विद्यालयों का सुधारीकरण होने से दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को खतरे से मुक्ति मिलेगी।
मानसून काल नजदीक आते ही बीते दिनों शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए जर्जर और बदहाल हो चुके विद्यालयों का चिह्नीकरण शुरू किया। 10 विद्यालय ऐसे मिले जिनकी छत टपक रही है और जर्जर दीवारों के चलते इनके गिरने का खतरा बना हुआ है। इन विद्यालयों के सुधारीकरण के लिए केंद्र सरकार से 10 करोड़ रुपये मिले हैं। हर विद्यालय को एक-एक करोड़ की धनराशि मिलेगी। राजकीय इंटर कॉलेज गुरना, मड़मानले, डीडीहाट, बलुवाकोट, मदकोट, छड़ौली, नायल, खैरोली और पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज गणाई-गंगोली, राईआगर का कायाकल्प होगा। इसकी जिम्मेदारी ग्रामीण निर्माण विभाग को दी गई है। विद्यालयों के सुधारीकरण के लिए धन मिलने से विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों में खुशी है। संवाद
25 विद्यालयों की मरम्मत के लिए धन की दरकार
जिले में 48 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सुधारीकरण जरूरी है। विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेजा था। सिर्फ 10 विद्यालयों के सुधारीकरण के लिए धन मिला है। अन्य 38 विद्यालयों के सुधारीकरण का प्रस्ताव सरकारी फाइलों में सिमटा है। मानसून काल नजदीक है और इन विद्यालयों में पढ़ने वाले अभिभावकों की चिंता बढ़ने लगी है।
-इनसेट कोट-
नए शिक्षा सत्र में केंद्र सरकार की ओर से क्लस्टर विद्यालयों के सुधारीकरण की स्वीकृति मिली है। इससे पूर्व दो पीएमश्री विद्यालयों की मरम्मत की गई है। अन्य विद्यालयों की मरम्मत के लिए जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। -एचआर कोहली, सीईओ, पिथौरागढ़।