सोने की लगातार ‘तेज’ हो रही चमक के बीच सराफा कारोबारियों के चेहरों से रौनक गायब है। मार्केट से खरीदारी करने वाले ग्राहक नदारद हैं, लेकिन पुराने जेवरात बेचने वालों की होड़ लगी है।
इनमें ज्यादातर ऐसे हैं, जिन्होंने बीते दिनों सोने के गिरते भावों के बीच अपनी जेब काट सोना खरीदा था। उनकी यह बेकरारी इस उम्मीद में है कि जब सोना एक बार फिर सस्ता होगा तो नए डिजाइन, नए रंग-रूप में एक बार फिर जेवरात के लिए सोना खरीद लेंगे।
7.5 करोड का बिक रहा सोना
हर रोज तकरीबन 7.5 करोड़ का पुराना सोना बाजार में आ रहा है। दिल्ली से सस्ता सोना बिकने के बावजूद मार्केट के हाल खराब हैं। ठंडी खरीदारी के चलते सराफा व्यवसायी मार्जिन में कमी को भी मजबूर हैं।
दून में 500 से ज्यादा व्यवसायी
अकेले दून में 500 से ज्यादा सर्राफा व्यवसायी हैं। ज्वेलर्स की मंडी कहे जाने वाले धामावाला बाजार की बात करें तो यहां हर रोज लगभग पांच करोड़ से ज्यादा के सोने की बिक्री हो रही है।
ज्यादातर का सौदा दो तोले से ज्यादा
हर रोज पांच से सात ग्राहक ऐसे आ रहे हैं, जो पुराना सोना बेचने के इच्छुक हैं। ज्यादातर दो तोले से ज्यादा के सोने का सौदा करने के लिए बाजार में आते हैं।- प्रवीण जैन, अध्यक्ष देहरादून सराफा मंडल
5 से 10 फीसदी बेचने वाले बढ़े
इस तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग पुराना सोना बेचने के लिए ला रहे हैं। ऐसे बेचने वालों में अमूमन 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी है।- अमित कंसल, ज्वेलर, झंडा बाजार
बड़े सराफा व्यावसाइयों के ग्राहक बड़े
बड़े सराफा व्यवसाइयों के ग्राहक बड़े हैं। जहां एक औसत दुकानदार हर रोज तकरीबन 50 ग्राम सोना खरीद रहा है। वहीं, बड़े दुकानदार सौ ग्राम और इससे अधिक का भी सौदा कर रहे हैं।- गौरव रस्तोगी, सराफा मंडल