दर्द और डर क्या होता है यह आजकल उत्तराखंड के पहाड़ी हिस्सों में वक्त गुजार रहे लोगों के शिकन भरे चेहरों पर साफ देखा जा सकता है।
भूस्खलन और नदियों का खौफ ग्रामीणों को इस कदर परेशान किए हुए है कि ग्रामीण अपने घरों में रात बिताने में डर रहे हैं।
ग्राम पंचायत जिलासू के पीछे बबीटा तोक से भूस्खलन होने और गांव के नीचे से अलकनंदा नदी से भू-कटाव होने से बगड़ तोक के 25 परिवार दहशत में रात गुजार रहे हैं।
बारिश में लोग घर में खाना खाने के बाद बच्चों को लेकर सोने दूसरे घरों में जा रहे हैं। भूस्खलन से गांव के रमेश सिंह की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई है। बगड़ तोक के ग्रामीण पिछले कई साल से विस्थापन की मांग कर रह हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीण आनंद सिंह रावत, पुष्कर सिंह रावत, विक्रम सिंह, मनबर सिंह, मोहन सिंह, रमेश सिंह, जोत सिंह, धूम सिंह, केवल सिंह, दरवान सिंह और रघुनाथ सिंह का कहना है कि भूस्खलन के मुहाने पर जो भवन हैं, वहां के लोग रात को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए हैं।
प्रधान पुरुषोत्तम बहुगुणा ने कहा कि ग्रामीणों को टेंट तक नहीं दिए गए हैं। इधर, जिला आपदा अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि ग्रामीणों को भारी बारिश होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के को कहा गया है। प्रभावितों को टेंट और राहत सामग्री बांटी जाएगी।