शारदीय नवरात्र के पहले दिन सिद्धपीठ चंद्रबदनी व धारी देवी सहित क्षेत्र के विभिन्न शक्ति और सिद्ध पीठों में पूजा-अर्चना की गई। घट स्थापना के साथ ही जौ की हरियाली बोई गई।
देवप्रयाग के चंद्रकूट पर्वत पर स्थित मां चंद्रबदनी में सोमवार सुबह घट स्थापना हुई। मुख्य पुजारी व मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित दाताराम भट्ट व पंडित शिव प्रसाद भट्ट ने मंत्रोच्चार के साथ देवी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का पूजन किया। पुरोहित विनय सेमल्टी ने दुर्गा सप्तशती पाठ प्रारंभ किया। प्रबंधक डीपी भट्ट ने बताया की नवरात्र में मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पूरी सुरक्षा व सुविधाएं जुटाई गई है। सिद्धपीठ में ढोल दमाऊं के साथ शक्ति दास, उत्तम दास, रमेश दास, अनिल दास व रणसिंघा वादन गुड्डू दास द्वारा नौरता मंडाण भी शुरू किया गया है। वहीं धारी देवी मंदिर में भी पहले दिन श्रद्धालुओं ने माता की पूजा अर्चना की। राजराजेश्वरी मंदिर रानीहाट चौरास, गौरा देवी और राजराजेश्वरी मंदिर देवलगढ़ में माता की पूजा अर्चना की गई।