केशोराय मठ व अन्य पांच मंदिरों के नवनिर्माण समेत नौ सूत्री मांगों के लिए श्रीनगर बचाओ संघर्ष समिति का अनिश्चित कालीन धरना 7वें दिन भी जारी रहा। समिति के अध्यक्ष प्रेमदत्त नौटियाल ने कहा कि आपदा के आठ वर्ष बाद भी शासन-प्रशासन की उपेक्षापूर्ण नीति से स्थानीय लोगों को समस्या से जूझना पड़ रहा है।
रविवार को धरना स्थल पर आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष प्रेमदत्त नौटियाल ने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में केशोराय मठ समेत पांच अन्य मंदिर अलकनंदा नदी में बह गए थे। अब तक इन मठ मंदिरों का निर्माण नहीं करवाया गया है। वहीं सुरक्षा दीवार का निर्माण भी पूरा नहीं किया गया है। सुरक्षा दीवार और जमीन के बीच भरान न करने से बनी गहरी खाई में पानी जमा हो रहा है। इससे बस्ती और उसमें रहने वाले लोगों को खतरा पैदा हो गया है। जहां पहले केशोराय मठ था वहां कूड़ा फेंका जा रहा है। उन्होंने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न किए जाने पर अगले माह से आंदोलन को उग्र रूप देने की चेतावनी दी है। इस मौके पर गोवर्द्धन गिरी, विक्रम राणा, दिनेश नेगी, भरत बिष्ट, संजय राणा, सुनील रावत, आशा बिष्ट व देवेश्वरी पुरी आदि मौजूद थे।