पौड़ी में अधिकारियों की बैठक लेते डीएम विजय कुमार जोगदंडे।
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जनपद पौड़ी के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर उपचार नहीं मिलने से आज भी गर्भवती महिलाएं असमय दम तोड़ रही हैं, जो जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को बयां कर रही है। जनपद पौड़ी में विगत 10 माह (अप्रैल 2021 से जनवरी 2022) में 12 गर्भवती महिलाएं समय पर उपचार नहीं मिलने पर दम तोड़ चुकी हैं। इसके पीछे गर्भवती महिला का समय पर अस्पताल नहीं पहुंचना, पहुंचने पर उपचार नहीं मिल पाना, हीमोग्लोबिन की कमी, उच्च रक्तचाप, एनीमिया आदि कारण मुख्य रूप से सामने आए हैं। डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। डीएम ने अप्रैल 2021 में एकेश्वर ब्लाक के नौगांवखाल में गर्भवती महिला को समय पर 108 सेवा उपलब्ध नहीं होने से मौत होने पर जिला समन्वयक पर जुर्माना लगाए जाने के साथ ही स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
जिला मुख्यालय में डीएम डा. विजय कुमार जोगदंडे ने मातृ-मृत्यु दर की समीक्षा बैठक ली। डीएम ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान करनी होगी, जिससे गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार मिल पाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारी प्रत्येक माह ब्लाक स्तर पर हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समीक्षा बैठक कर रिपोर्ट देंगे। डीएम ने कहा कि जिले के थलीसैण ब्लाक में अल्ट्रासाउंड की सुविधा के अभाव को देखते हुए प्रत्येक माह के पहले सोमवार को गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की जाएगी। इन गर्भवती महिलाओं को तीन वाहनों से नजदीक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी पाबौ, बीरोंखाल व सतपुली) लाया जाएगा और घर भी छोड़ा जाएगा। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के निर्देश दिए। कहा कि एएनएम, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की जानकारी दी जाए।