उत्तराखंड मुक्त विवि एवं भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली संयुक्त रूप से प्रदेश में उच्च शिक्षा आपके द्वार अभियान चला रही है। इसके तहत विवि की ओर से कार्यशाला व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार को जीआईसी खिर्सू व त्रिपालीसैण में विवि ने बोर्ड परीक्षा में अव्वल रहे 30 से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। साथ ही कृषि, उद्यान और सामाजिक क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले विभिन्न ग्रामीणों को भी विवि के कुलपति प्रो. ओमप्रकाश सिंह नेगी ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विवि की ओर से ग्रामीण अंचल तक प्रत्येक युवा को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. ओमप्रकाश सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि यूओयू (उत्तराखंड मुक्त विवि) का ध्येय कोई भी, कभी भी, कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकता है। ग्रामीण अंचल तक प्रत्येक युवा को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य किया जा रहा है। विवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राएं ऑनलाइन घर बैठे प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर है। प्रो. नेगी ने बताया कि विवि नए सत्र से दिव्यांगों के लिए बीएड विशेष शिक्षा के साथ ही बीसीए, एमसीए, फॉरेंसिक साइंस आदि कोर्स संचालित करने जा रहा है। गढ़वाल विवि के पूर्व कुलपति व रुषा के सलाहकार प्रो. एमएसएम रावत ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी का युग है, ऑनलाइन सामग्रियां विवि के पोर्टल में उपलब्ध हैं। यूओयू में पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डा. राकेश रयाल ने बताया कि विवि आगामी 12 दिसंबर को यमकेश्वर के विथीयाणी में उच्च शिक्षा आपके द्वार कार्यशाला करने जा रहा है। कार्यशाला में पूर्व जिला पंचायत सदस्य कौशल्या भट्ट, प्रो. केडी पुरोहित, बीजीआर परिसर के निदेशक प्रो. प्रभाकर बडोनी और मजरा महादेव महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. केसी दुधपुड़ी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डा. सिद्धार्थ पोखरियाल ने किया। इस अवसर पर डा. राकेश चंद्र जोशी, प्रधानाचार्य पुनवासी भारती, पूर्व क्षेपं सदस्य विजय रौथाण, पूर्व प्रधान हुकुम सिंह कंडारी, शोभाराम, शिक्षाविद अरविंद पोखरियाल, आभा काला और शेखर सिंह आदि मौजूद रहे।