ग्रीष्मोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या स्थानीय कलाकारों के नाम रही। लोक कलाकारों ने इस दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति से सराबोर गीतों की प्रस्तुति से सबका मन मोहा।
रामलीला मैदान में आयोजित ग्रीष्मोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोक सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम है। सांस्कृतिक संध्या में गढ़कला सांस्कृतिक संस्था, परम पर्वतीय रंगमंच, गढ़श्रेष्ठ लोक कला, शैलजा सांस्कृतिक समिति, मोनिका ड्रीम पायल क्लब और गढ़ ज्योति सांस्कृतिक संस्था के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। प्रेमबल्लभ पंत, नरेंद्र धीमान, दिगंबर धीमान, प्रीति कोहली, जयश्री ने भी गढ़वाली गीतों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में तपेश्वर प्रसाद, विकास स्नेही, दीपक पंवार, भक्ति शाह, अभिनव जॉली, रोहित मंद्रवाल, भरत सिंह, नागेंद्र बिष्ट, रवि व अर्नव पोली ने संगीत में संगत दी। नृत्य निर्देशन अंकित नेगी व गौरव गैरोला, वस्त्र सज्जा रमन रावत पोली ने की। कार्यक्रम संयोजन त्रिभुवन उनियाल और संचालन योगंबर पोली ने किया। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, लोकगायक अनिल बिष्ट, नमन चंदोला आदि मौजूद रहे।