जनपद पौड़ी के जीआईसी उज्याड़ी में सेवारत राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता केशर सिंह असवाल को आखिरकार पांच साल के संघर्ष के बाद शैलेश मटियानी पुरस्कार मिल गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी डा. आनंद भारद्वाज ने असवाल को पुरस्कार दिए जाने का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में दिए जाने वाले शैलेश मटियानी पुरस्कार के वर्ष 2017 में घोषित होने पर विवाद हो गया था। जनपद व मंडल से पहले स्थान पर रहे शिक्षक के बजाय पुरस्कार दूसरे स्थान पर रहे शिक्षक को प्रदान किया गया था। लोक सेवा अभिकरण के फैसले के बाद शिक्षा सचिव के पुनर्मूल्यांकन में शिक्षक केशर सिंह असवाल को पुरस्कार का असल हकदार पाया गया है।
उत्तराखंड सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। जनपद पौड़ी में वर्ष 2017 को इस पुरस्कार के लिए कई शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिला स्तरीय चयन समिति ने सभी आवेदनों का मूल्यांकन करने के बाद जीआईसी उज्याड़ी में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता केशर सिंह असवाल को सर्वाधिक 82 अंक प्रदान किए थे। दूसरे स्थान पर रहे शिक्षक पुष्कर सिंह नेगी को 79 अंक मिले थे। जिला स्तरीय समिति ने मंडल और मंडलीय समिति ने रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी। वर्ष 2019 में पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसमें दूसरे स्थान पर रहे शिक्षक पुष्कर सिंह नेगी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया था। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पहले स्थान पर रहे शिक्षक केशर सिंह असवाल ने सीईओ पौड़ी, एडी माध्यमिक गढ़वाल मंडल, शिक्षा निदेशक, शिक्षा सचिव से मामले की शिकायत की थी लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा मामले में कोई फैसला नहीं लिए जाने पर उन्होंने लोक सेवा अभिकरण में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। अभिकरण ने अगस्त 2021 में जनपद पौड़ी के वर्ष 2017 के शैलेश मटियानी पुरस्कार को स्थगित किए जाने का फैसला सुनाते हुए शिक्षा सचिव को पुर्न मूल्यांकन के निर्देश दिए थे। शासन स्तर पर शिक्षा सचिव के पुनर्मूल्यांकन में शिक्षक केशर सिंह असवाल पुरस्कार का हकदार पाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी डा. आनंद भारद्वाज ने बताया कि शिक्षा सचिव के आदेश के बाद विभाग द्वारा शिक्षक केशर सिंह असवाल को वर्ष 2017 के शैलेश मटियानी पुरस्कार दिए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शिक्षक असवाल व जीआईसी उज्याड़ी के प्रधानाचार्य को सूचना दे दी गई।
19 अगस्त 2021 को आया था फैसला
सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए मिलने वाले शैलेश मटियानी पुरस्कार को लेकर आखिरकार शिक्षक केशर सिंह असवाल को पांच साल बाद न्याय मिल गया। सचिव शिक्षा के पुनर्मूल्यांकन व आदेश के बाद शीर्ष अंक पाए जाने पर मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी ने जीआईसी उज्याड़ी में राजनीति विज्ञान के प्रवक्ता केशर सिंह असवाल को यह पुरस्कार दिए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं।