तीन माह से लापता चल रहे एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कर्मचारी अनिल नैथानी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। परिजनों को शक है कि उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि हत्या जैसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। अनिल के साथ टैक्सी में जाने वाले 2 युवकों के पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए आवेदन किया गया है।
25 जुलाई को विवि कर्मी अनिल नैथानी टैक्सी बुक करके श्रीनगर से त्रियुगीनारायण गए थे। टैक्सी में ड्राइवर के अलावा उसका सहायक भी सवार था। 30 जुलाई को दोनों लोगों ने परिजनों को सूचित किया कि वह 25 जुलाई की रात ही वापस लौट आए थे। अनिल रास्ते में तिलवाड़ा के समीप भटवाड़ीसैण में खाना खाने के बाद गायब हो गया। अनिल की पत्नी कौशल्या की तहरीर पर श्रीकोट पुलिस चौकी में उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई। उसे बाद में रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने एसडीआरएफ, जल पुलिस व गोताखोरों की सहायता से मंदाकिनी नदी को छान मारा। ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही आईटीबीपी से खोजी कुत्ते मंगवाकर भी सुराग लगाने की कोशिश की गई लेकिन पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में असफल रही। अनिल की पत्नी कौशल्या ने हत्या की आशंका जताते हुए बताया कि टैक्सी ड्राइवर व उसके साथी ने पांच दिन बाद इसकी सूचना दी। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, अगस्त्यमुनि थाना प्रभारी राजीव चौहान ने बताया कि परिजनों को जिन पर शक है उनका सीबीआई लैब में पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए अभी डेट नहीं मिली है।