गढ़वाल विवि में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र नेताओं ने शुक्रवार को श्रीनगर परिसर में कर्मचारियों को प्रशासनिक भवन में जाने से रोक दिया। छात्र गेट के आगे बैठ गए। वहीं कर्मचारी गेट खुलने का इंतजार करते रहे।
विभिन्न छात्र संगठन एकजुट
गढ़वाल विवि में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर विभिन्न छात्र संगठन अब एकजुट हो गए हैं। छात्रों का आरोप है कि विवि प्रशासन छात्रसंघ चुनाव को बंद कराकर छात्रों की आवाज को दबाना चाहता है। विरोध में धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गढ़वाल विवि के प्रशासनिक भवन में किसी को भी नहीं जाने दिया। छात्र संगठनों ने पहली दिसंबर तक ठोस निर्णय न होने पर दीक्षांत समारोह के विरोध की चेतावनी दी है।
इससे पहले गुरुवार को भी छात्र संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बिड़ला परिसर में एकत्रित हुए। वे नारेबाजी करते हुए गढ़वाल केंद्रीय विवि के प्रशासनिक भवन पहुुंचे। यहां पर छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की। छात्र करीब 11 बजे प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान छात्रों ने किसी को भी प्रशासनिक भवन में आने-जाने नहीं दिया।
इस दौरान आयोजित सभा में एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ऋतांशु कंडारी, प्रदेश सहमंत्री संदीप राणा, जय हो ग्रुप के आयुष मियां, आर्यन छात्र संगठन के रामप्रकाश, देवकांत देवराड़ी, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित रावत, छात्रम संगठन के अनमोल भंडारी, सुजीत गैरोला, आइसा की शिवानी पांडे ने कहा कि विवि की कुलपति तानाशाह रवैया अपना कर छात्रों की आवाज को बंद करना चाहती हैं।
इसी कारण छात्रसंघ चुनाव नहीं होने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विवि में छात्रसंघ से ही छात्रों में नेतृत्व की क्षमता का विकास होता है। इसी का परिणाम है कि आज विवि के छात्र देश व विभिन्न प्रदेशों का नेतृत्व कर विवि का मान बढ़ा रहे हैं। उन्होंने एक स्वर में कहा कि यदि एक दिसंबर से पहले इस मामले में ठोस निर्णय नहीं हुआ तो उन्हें दीक्षांत समारोह के विरोध को बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर पृथ्वी राणा, ऋषभ रावत, अमन पंत, सम्राट राणा, सुधांशु थपलियाल, राहुल सोनी अंकत पुंडीर, कैवल्य जखमोला, पुनीत अग्रवाल, ऋषभ बिष्ट व निकिता रावत आदि मौजूद रहे।