उत्तराखंड में 1 जुलाई से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। नीति के तहत प्राथमिक से लेकर माध्यमिक कक्षाओं में पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसमें भारतीय ज्ञान पद्घति, क्रेडिट, च्वाइस व रोजगारपरक पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। यह बातें प्रदेश के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार 12 हजार विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने जा रही है। साथ ही प्रदेश में शिक्षकों की सभी उचित मांगों को जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय के संस्कृति भवन प्रेक्षागृह में आयोजित जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ पौड़ी के छठवें त्रैमासिक जनपदीय अधिवेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले 56 शिक्षकों का वीडियो बनाया गया है। प्रदेश में बेहतर कार्य करने वाले प्राथमिक से लेकर माध्यमिक के शिक्षकों को जल्द समारोह कर प्रोत्साहित किया जाएगा। कहा कि प्रवक्ता के पदों पर आयोग से नियुक्तियों होने तक अतिथि शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी। सहायक अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। डा. रावत ने कहा कि प्रदेश में 34 प्रतिशत महिला शिक्षिकाएं हैं, जिन्हें मातृत्व अवकाश के लिए जाना पड़ता है, इस दौरान छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था जुटाई जाएगी। कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वेद, पुराण, महाभारत, उपनिषद के साथ-साथ ज्योतिष व वैदिक गणित की शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। कहा बच्चों को च्वाइस के तहत गढ़वाली, कुमाऊंनी व जौनसारी लोकभाषा के अध्ययन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस दौरान विधायक राजकुमार पोरी, पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर बिष्ट, सीईओ पौड़ी डा. आनंद भारद्वाज ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप सिंह गुसाईं ने किया।