श्रीनगर। श्रीनगर में वीरवार देर शाम एडवोकेट बाबर कादरी की आतंकियों द्वारा की गई हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इसके साथ ही बीडीसी चेयरमैन भूपेंद्र सिंह की हत्या में लश्कर का हाथ है। इसमें शामिल दो आतंकियों की शिनाख्त कर ली गई है। यह जानकारी आईजी विजय कुमार ने दी।
आईजी ने बताया कि एडवोकेट की हत्या की घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। हाथों में फाइल लिए मास्क पहने दो आतंकी क्लाइंट के तौर पर कादरी के हवल स्थित घर में दाखिल हुए। उन्होंने नजदीक से कादरी के सिर में चार गोली मारी। घटनास्थल से भागते समय आतंकियों ने हवा में गोलियां भी चलाईं। सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर जांच शुरू कर दी गई है। एसपी हजरतबल की अध्यक्षता में जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी गठित की है। बताया कि बाबरी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति नहीं थे, लेकिन उन्हें खतरा था। पुलिस ने उनसे सुरक्षित घर में जाने को कहा था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। दुर्भाग्य से सुरक्षित घर में जाने से पहले ही उनकी हत्या हो गई। उन्होंने अपील की कि यदि किसी को जान का खतरा हो तो वह पुलिस से संपर्क करे, न कि सोशल मीडिया पर इसे शेयर करे।
बीडीसी अध्यक्ष की सुरक्षा में लगे दो पीएसओ सस्पेंड
बीडीसी अध्यक्ष भूपेंदर सिंह की हत्या पर आईजी ने कहा कि आतंकी शायद उनकी मूवमेंट के बारे में जानते थे। उन्होंने पीछा किया और फिर हमला किया। सुरक्षा में लगे दोनों पीएसओ को सस्पेंड कर दिया गया है और शुरुआती जांच में लश्कर के दो आतंकी यूसुफ कांदरू और अबरार का नाम सामने आया है। जल्द ही उन्हें पकड़ा जाएगा। बताया कि भूपेंदर सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति थे। वे मीटिंग के सिलसिले में खाग में थे। बिना पुलिस वालों को सूचित किए वह निजी वाहन में अपने गांव गए।
वहीं बादीपोरा बडगाम में सीआरपीएफ पार्टी पर हमले को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने अंजाम दिया है। घटना स्थल से एम 4 के खाली कारतूस पाए गए और एम 4 राइफल अक्सर जैश के आतंकी इस्तेमाल करते हैं। इस हमले में सीआरपीएफ के एएसआई बदोले उमराव शहीद हो गए थे।
घाटी में सक्रिय 200 आतंकियों में 90 विदेशी
आईजी विजय कुमार ने बताया कि घाटी में 70-90 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से 40 का नाम के साथ ब्योरा है, जबकि शेष अज्ञात हैं। 170-200 सक्रिय आतंकी हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने 22 भूमिगत आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान आतंकियों की मदद के लिए अत्याधुनिक हथियार भेज रहा है। आईजी ने बताया कि टीआरएफ का संबंध लश्कर से है। वह सोशल मीडिया के जरिये निशाना साधता है। उसने नेताओं, पत्रकारों तथा अन्य लोगों की हिट लिस्ट भी जारी की है, जिनकी सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है।