पौड़ी। डीएम पौड़ी डाॅ. आशीष चौहान ने राजस्व वादों के निस्तारण में हीलाहवाली बरतने पर एसडीएम कोटद्वार को कड़ी फटकार लगाई। वहीं एसडीएम यमकेश्वर, लैंसडौन सहित अन्य को चेतावनी दी। कहा, अधिकारी पांच साल और उससे अधिक समय से लंबित राजस्व वादों को निस्तारण में अनावश्यक देरी कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तहसीलों व राजस्व परिषद के आंकड़ों में असमानता होने पर डीएम कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों व संबंधित तहसीलों के एसडीएम को फटकार लगाई।
जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा आयोजित हुई। इस दौरान डीएम डाॅ. आशीष चौहान ने तहसीलों में वादों के लंबित पड़े होने पर नाराजगी जताते हुए निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को 1 से 2, 3 से 5 और 5 वर्ष से अधिक लंबित वादों के निस्तारण को केसवार तिथि निर्धारिण कर रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। कहा यदि राजस्व वादों की सुनवाई की तिथि निर्धारण में पेशकार स्तर से देरी की जाती है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बिजली के अवैध कनेक्शन लगाने वालों व खनन विभाग को अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम ईला गिरी, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राजचन्द्र सेठ, एसडीएम कोटद्वार सोहन सैनी, श्रीनगर नुपूर वर्मा, यमकेश्वर चतर सिंह चौहान, लैंसडौन शालिनी मौर्या, नगर आयुक्त कोटद्धार वैभव गुप्ता आदि मौजूद रहे।