जिला मुख्यालय की ऐतिहासिक 121वीं रामलीला का मंचन का शुभारंभ हो गया है। कोविड काल के बाद शुरू हुई रामलीला देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ रही। कैलाश पर्वत पर शिव-पार्वती के संवाद से रामलीला मंचन का आगाज हुआ। मंचन में रावण के दूतों का ऋषियों से कर लिए जाने से लेकर अयोध्या में श्रीराम के जन्म तक का मंचन किया गया। दशरथ के गायन दु:खी यो हो रहा मंत्री, मुझे ये शोक भारी है... दर्शकों को भावुक कर गया।
बृहस्पतिवार शाम को मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक लोक विरासत रामलीला के मंचन में पालिका प्रशासन हर संभव मदद देगा। उन्होंने दर्शकों से कोविड नियमों के पालन की अपील की। श्री रामलीला मंचन एवं सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष उमाचरण बड़थ्वाल ने कहा कि रामलीला मंचन सात बजे से नौ बजे तक ही किया जा रहा है। रामलीला में शिव-पार्वती की भूमिका में नरेंद्र चिटकारिया और बीना चिटकारिया (पति-पत्नी) रहे और पार्श्व गायन गौरी शंकर थपलियाल व पुष्पा थपलियाल (पति-पत्नी) ने किया। रावण का किरदार जगत किशोर बड़थ्वाल ने भावपूर्ण अंदाज में निभाया। इस अवसर पर नवीन मियां, जसपाल सिंह रावत, राजेंद्र लिंगवाल, भरत सिंह रावत आदि मौजूद थे। संचालन वीरेंद्र खंकरियल ने किया।
कैलाश लीला और रामजन्म से रामलीला शुरू
श्रीनगर। श्री आदर्श रामलीला समिति की ओर से कोविड-19 की गाइडलाइन के तहत 125वीं रामलीला का आयोजन शुरू किया। पहले दिन कलाकारों ने कैलाश लीला, रामजन्म और ताड़का व सुबाहु वध का मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
रामलीला का पहला मंचन कमलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में किया गया। मुख्य अतिथि मंदिर के महंत आशुतोष पुरी व विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड क्रांतिदल के कोषाध्यक्ष मोहन काला ने रामलीला का उद्घाटन किया। महंत ने भगवान श्रीराम से देश और दुनियां को कोरोना संक्रमण से मुक्ति दिलाने की कामना की। रामलीला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कैंतुरा ने बताया कि शेष रामलीला का मंचन रामलीला मैदान में किया जाएगा। इस मौके पर हरि प्रसाद उनियाल-रावण, अभिषेक-राम, शुभम-लक्ष्मण, मनीष बडोनी-ताड़का, आकाश-मारीच, सुदेश जुगरान-दशरथ, अतुल उनियाल-कुंभकर्ण, सुधीर डंगवाल ने विभीषण के पात्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कैंतुरा, सचिव दीपक उनियाल, उपाध्यक्ष देवेंद्र मणि मिश्रा, ओमप्रकाश गोदियाल, सुरेंद्र चौहान, व्यापार सभाध्यक्ष दिनेश असवाल आदि मौजूद थे। संवाद