तहसील क्षेत्रांतर्गत डुंगरीपंथ में ग्रामीणों के विरोध के चलते 19 दिन बाद भी रेल मार्ग निर्माण परियोजना का काम बहाल नहीं हो पाया है। परियोजना प्रभावितों ने वर्ष 2016 से 12 प्रतिशत ब्याज, स्थायी नौकरी की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई होने के बाद ही आंदोलन स्थगित करने की बात की है। परियोजना प्रभावितों ने आंदोलन खत्म करने का अनुरोध करने पहुंचे अधिकारियों के समक्ष उक्त मांग दोहराते हुए पीछे हटने से मना कर दिया।
गत 25 नवंबर को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गढ़वाल कमिश्नर, जिला प्रशासन की मौजूदगी में रेलवे परियोजना प्रभावितों की बैठक ली थी। इसके अगले दिन डुंगरीपंथ में ग्रामीणों ने रेलवे प्रोजक्ट का काम रुकवा दिया। इसके बाद एक दिसंबर को देहरादून में मुख्य सचिव की मौजूदगी में मंत्री ने एक बार फिर प्रभावितों और आरवीएनएल के अधिकारियों की बैठक ली थी। लंबे समय से चल रहे आंदोलन को देखते हुए आरवीएनएल के डीजीएम विजय डंगवाल प्रभावितों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन प्रभावितों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन खत्म करने से मना कर दिया। इधर, आरवीएनएल के वरिष्ठ एजीएम पीपी बडोगा ने बताया कि काम शुरू करवाने के लिए ग्रामीणों के साथ वार्ता का दौर जारी है।