जम्मू। नई डोमिसाइल व्यवस्था का विरोध तेज होता जा रहा है। जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के अध्यक्ष सुनील डिंपल ने कहा कि लॉकडाउन के हालात में केंद्र ने नई डोमिसाइल व्यवस्था प्रदेश के लोगों पर थोप दी है। इससे युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा लखनपुर टोल प्लाजा शुरू कर टैक्स लगा दिया है। मौजूदा समय में प्रदेश आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि डोमिसाइल कोरोना वायरस से भी घातक है। इसका खामियाजा सारी उम्र भुगतना पड़ेगा। राज्य से विशेष दर्जा भी छिना लिया गया है। विशेष अधिकार केंद्र को वापस देने होंगे।
जेकेपीसीसी के महासचिव और इंचार्ज जिला प्रधान जम्मू अर्बन योगेश साहनी ने कहा कि नई डोमिसाइल व्यवस्था जम्म-कश्मीर के युवाओं के हित में नहीं है। इससे सरकारी नौकरियों में युवाओं का हक कम हुआ है।
केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पर लगातार नए फैसले थोपे हैं। पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं का हक नहीं छीना जाएगा, लेकिन सरकार ने नई डोमिसाइल व्यवस्था लाकर वादा खिलाफी की है। जम्मू-कश्मीर में 50000 नौकरियां देने के दावे किए थे, लेकिन सब खोखले साबित हुए हैं। अन्य कांग्रेसी नेताओं में रमांकांत खजूरिया, बीबी गुप्ता, आनंद गंडोत्रा, ठाकुर जय सिंह, विनोद कोहली, उत्तम सिंह, वीरेंद्र सिंह मन्हास आदि ने भी विरोध जताया।
प्रदेश के लोगों के अधिकार छीन लिए : सिंह
जम्मू। डोमिसाइल कानून लागू करने से प्रदेश के लोगों में काफी आक्रोश हे। इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाएगा। यह बात नेशनल पैंथर्स पार्टी के पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि फैसले से जन आक्रोश बढ़ा है। हालत यह है कि सोशल मीडिया पर युवाओं को इस पर टिप्पणी करने से भी रोका जा रहा है। ऐसा सहन नहीं किया जाएगा। फैसले से योग्य युवा भी रोजगार हासिल करने में असमर्थ रहेंगे।
अब अन्य देशों के हजारों और लाखों प्रवासी लोग भी प्रदेश के निवासी बनेंगे। योजनाओं के लाभ भी ले पाएंगे। मगर प्रदेश के लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। 15 साल से यहां पर रहने वाले मजदूर भी लाभ उठा सकेंगे। साथ ही नौकरी के लिए भी पात्र होंगे।