श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपोरा में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 2017 में हुए हमले में गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद आतंकी इरशाद अहमद रेशी की संपत्ति को एनआईए ने जब्त कर लिया है। इस संबंध में शनिवार को आदेश जारी किया गया। जब्त संपत्ति में काकपोरा इलाके के रतनीपोरा गांव में इरशाद के पिता के नाम का मकान तथा 17 मरला जमीन है। एनआईए ने घर पर जब्ती का नोटिस चस्पा कर दिया है।
आदेश में कहा गया है कि संपत्ति आतंकवाद से मिले पैसे से खड़ा की गई है। साथ ही इस मकान का इस्तेमाल आतंकी संगठन जैश की गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया है। इरशाद जैश का ओजीडब्ल्यू था। वह मारे गए जैश कमांडर नूर मोहम्मद तांत्रे उर्फ नूर त्राल का करीबी था। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हमला दिसंबर 2017 में मुठभेड़ में मारे गए त्राली का बदला लने के लिए किया गया था। इरशाद को एनआईए ने अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया था जो हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। उसने आतंकियों को पनाह देने के साथ ही उन्हें लाने तथा ले जाने की सुविधा मुहैया कराई थी। उसने हमले से पहले ग्रुप सेंटर की रेकी की थी। 30 व 31 दिसंबर को हुए हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हुए थे। जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी भी मारे गए थे।
एनआईए ने हमले के मामले में पिछले साल अगस्त में चार लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। जम्मू में एनआईए की विशेष अदालत में अवंतीपोरा के फैय्याज अहमद मागरे और निसार अहमद तांत्रे तथा पुलवामा के सैयद हिलाल अंद्राबी और इरशाद अहमद रेशी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया था। हमले में शामिल रहे आतंकियों में दो पुलवामा और तीसरा पाकिस्तानी आतंकी था। नूर मोहम्मद तांत्रे ने अन्य आरोपी के साथ मिलकर लेथपोरा में सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर की रेकी की थी। हालांकि, हमला करने से पहले तांत्रे सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।