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परियोजना प्रभावितों ने एसडीएम को बैरंग लौटाया

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तहसील क्षेत्रांतर्गत डुंगरीपंथ और स्वीत गांव में रेल निर्माण परियोजना का काम चार दिन बाद भी शुरू नहीं हो पाया। उपजिलाधिकारी पौड़ी आकाश जोशी परियोजना प्रभावितों को मनाने मौके पर पहुंचे लेकिन प्रभावितों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। प्रभावितों ने कहा कि जब तक अधिगृहीत भूमि के मुआवजे के संबंध में उनके हक में फैसला नहीं आता, तब तक काम बंद रहेगा।
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25 नवंबर को कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गढ़वाल कमिश्नर, जिला प्रशासन की मौजूदगी में रेलवे परियोजना प्रभावितों की बैठक ली थी। इसमें पौड़ी के परियोजना प्रभावितों ने मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की थी। इस पर तय हुआ था कि एक दिसंबर को देहरादून में मुख्य सचिव के साथ इस संबंध में बैठक होगी। इसके अगले दिन डुंगरीपंथ में ग्रामीणों ने रेलवे प्रोजेक्ट का काम रुकवा दिया। 27 नवंबर को स्वीत में भी काम बंद हो गया। डुंगरीपंथ के पूर्व प्रधान त्रिभुवन राणा ने बताया कि आरवीएनएल ने अब तक प्रभावितों को जमीन का मुआवजा नहीं दिया है और काम शुरू कर दिया। मुआवजा न मिलने पर मंत्री धन सिंह ने ही कहा था कि मुआवजा नहीं मिलता, तो काम बंद कर दो। सोमवार को एसडीएम पौड़ी आकाश जोशी परियोजना प्रभावितों से वार्ता करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि 1 दिसंबर को मुआवजे के संबंध में बैठक होनी है। लिहाजा प्रभावित कंपनी को काम करने दें लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनके हक में सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता है, तब तक काम बंद रहेगा।
एसडीएम ने बताया कि मुख्य सचिव की मौजूदगी में होने वाली बैठक में मुआवजे के संबंध में चर्चा होनी है। कैबिनेट मंत्री ने काम बंद करने के लिए नहीं कहा है। इधर, आरवीएनएल के वरिष्ठ डीजीएम पीपी बडोगा ने बताया कि सर्किल रेट कम होने की वजह से प्रभावितों ने अपील की थी। बाद में यह मामला हाईकोर्ट चला गया। इस वजह से मुआवजा भुगतान में देरी हुई। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के विरोध के चलते टनल 11 का 75 फीसदी काम रुक गया है।
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