कोट महोत्सव में प्रस्तुति देते जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण।
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तीन दिवसीय कोट महोत्सव के अंतिम दिन जागर सम्राट व पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने जागरों और लोकगीतों से एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। प्रीतम के जागरों व लोकगीतों पर लोग खूब थिरकते रहे। महोत्सव के अंतिम दिन विधायक पौड़ी ने 30 से अधिक निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान व सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया।
ब्लाक मुख्यालय कोट में आयोजित कोट महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी मुकेश कोली ने किया। उन्होंने कहा कि कोट महोत्सव को सांस्कृतिक महोत्सव बनाने के ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कोट क्रीड़ा मंच निर्माण के लिए 40 लाख रुपए देने की घोषणा की। साथ ही आयोजन समिति को 51 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की। विशिष्ट अतिथि ब्लाक प्रमुख द्वारीखाल महेंद्र राणा ने कोट महोत्सव समिति को 31 हजार और ज्येष्ठ प्रमुख प्रमिला नेगी ने 21 हजार की सहयोग राशि दी। महोत्सव में जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने शुभ संध्या जागर से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने शिवजी कैलाश रंदिन..., सरूली मैरू जिया लगी गे..., मोहना तेरी मुरली बाजी... गीतों की प्रस्तुति पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। भरतवाण ने राजराजेश्वरी, मिजाजी हौसिया, सुदरा छोरी गीतों की प्रस्तुतियां भी दी। लोक गायिका मंजू सुंदरियाल ने खुल गे होली जुन्याली रात... सहित कई गीतों की प्रस्तुतियों पर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में लोक गायक अनूप सेमल्याट, योग गडोई, राकेश कुमार ने भी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र खंकरियाल, अमित काला व गणेश खुगशालगणि ने किया। इस मौके पर आयोजन समिति की अध्यक्ष व कोट ब्लाक प्रमुख पूर्णिमा नेगी, समिति सचिव सुरेंद्र सिंह रावत, चांदनी रावत, धर्मवीर नेगी, तामेश्वर आर्य, कुलवीर रावत, जगमोहन, समीर रौथाण, इंद्रजीत बिष्ट आदि मौजूद थे।