सिविल जज सीनियर डिवीजन पौड़ी की अदालत ने सुनाया फैसला
एक व्यक्ति ने व्यवसाय बढ़ाने के लिए लिया था चार लाख का कर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पौड़ी। सिविल जज सीनियर डिवीजन पौड़ी की अदालत ने कर्जदार व गारंटर को ब्याज सहित कर्ज की धनराशि लौटाने का आदेश दिया है। एक दुकानदार ने बैंक से चार लाख का कर्ज व्यवसाय बढ़ाने के लिए लिया था लेकिन न उसकी किश्त जमा की न ही मूल धनराशि लौटाई गई।
सिंडिकेट बैंक की श्रीनगर गढ़वाल स्थित शाखा से एक दुकानदार शरीफ अहमद ने 2 मार्च 2019 को व्यवसाय को बढ़ाने के लिए चार लाख का कर्ज लिया था लेकिन कर्जदार ने किश्त जमा नहीं की। बैंक ने 28 फरवरी 2022 को उक्त खाते को एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित कर दिया। इसके बाद बैंक ने कर्जदार को धनराशि लौटाने के कई अवसर दिए लेकिन कर्जदार ने कोई प्रयास नहीं किया। इसके बाद बैंक ने गारंटर सईम अहमद से भी किश्त या एकमुश्त धनराशि लौटाने की अपील की लेकिन उन्होंने भी सकारात्मक पहल नहीं की। इसके बाद बैंक ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कर्जदार ने कहा कि कोविडकाल व बीमारी के कारण वह कर्ज की धनराशि समय पर नहीं लौटा पाया। बैंक के अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि सिविल जज सीनियर डिवीजन पौड़ी नेहा कय्यूम की अदालत ने कर्जदार शरीफ अहमद और गारंटर सईम अहमद निवासी गोला बाजार श्रीनगर गढ़वाल को संयुक्त रूप से सिंडीकेट बैंक (बैंकिंग अधिग्रहण के बाद वर्तमान में कैनरा बैंक) की श्रीनगर शाखा से लिए गए कर्ज की 3 लाख 72 हजार 696 रुपये की धनराशि 9.75 वार्षिक ब्याज दर से एक माह में लौटाने का आदेश दिया है।