राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सेवारत संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सात दिसंबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है, जिससे बढ़ते कोविड संक्रमण में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने की संभावनाएं हैं।
एनएचएम कर्मचारियों ने इससे पहले मई-जून में एक सप्ताह तक कार्य बहिष्कार किया था। जनपद पौड़ी में विभिन्न पदों पर 300 एनएचएम संविदा कर्मचारी सेवारत हैं। एनएचएम संविदा कर्मचारी लंबे समय से लॉयल्टी बोनस, 60 साल तक सेवा का अवसर व हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड-पे दिए जाने की मांग कर रहे हैं, जिसको लेकर एनएचएम कर्मचारियों ने 29 मई से 5 जून तक कार्य बहिष्कार किया था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष शरद रौतेला व जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों ने 60 साल तक सेवा का अवसर और हरियाणा की तर्ज पर ग्रेड-पे दिए जाने की मांग को लेकर 8 नवंबर को सचिवालय कूच किया था। इस अवसर पर आशीष डोभाल, दीप सौरभ, कुलदीप नेगी, विवेक घिल्डियाल, सुमन, दिलशाद ,अनिल रावत आदि मौजूद रहे।