मनरेगा कोरोनाकाल में गांव लौटे प्रवासियों की आजीविका का आधार बन गया है। जिले में प्रवासियों के लिए 1864 मनरेगा कार्य प्रदान किए गए हैं, जबकि प्रवासियों के 243 व्यक्तिगत कार्य (मुर्गीबाड़ा,गोशाला, मत्स्य तालाब निर्माण) भी हुए हैं।
जिले की 1173 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत जल संरक्षण, चाल-खाल, भूमि विकास, कृषि-उद्यान घेरबाड़, मुर्गी बाड़ा, पशु बाड़ा सहित कई कार्य किए जा रहे हैं। जिले में प्रवासियों के लिए 140896 मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिसके तहत 1864 मनरेगा कार्य हैं। डीडीओ पौड़ी वेद प्रकाश ने बताया कि जिले में 11840 प्रवासियों के नए मनरेगा जॉबकार्ड बनाए गए हैं। गांव लौटे प्रवासियों को लगातार मनरेगा से जोड़कर उनकी आजीविका को मजबूत किया जा रहा है। जिले में कुल 88356 मनरेगा जॉब कार्ड सक्रिय हैं।