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गीत में उकेरी पलायन की पीड़ा, भावुक हुए दर्शक

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पौड़ी के घुसगलीखाल में आयोजित मकरैण मेले में प्रस्तुति देती महिलाएं। - फोटो : PAURI
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मकरैण मेला घुसगलीखाल का लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ रंगारंग आगाज हो गया है। महोत्सव में लोक गायक लोकेंद्र कैंतुरा का गीत के माध्यम से पलायन की पीड़ा को उकेरना दर्शकों को भावुक कर गया। वहीं उज्याड़ी गांव के महिला मंगल दल की नृत्य नाटिका में रामी-बौराड़ी का मार्मिक चित्रण ने दर्शकों को प्रभावित कर गया।
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मंगलवार को घुसगलीखाल में मकरैण मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष संपत सिंह रावत ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेले सामाजिक सौहार्द व लोक संस्कृति के प्रतीक हैं। युवा पीढ़ी को इनके आयोजन में खुलकर आगे आना चाहिए। मेले में लोक गायक लोकेंद्र कैंतुरा ने मां भगवती जागर से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सुरकंडा देवी जागर, पलायन पर आधारित गीत बौड़ी आवा की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में बड़गांव तल्ला व नगोली की महिला मंगल दलों ने थड़िया-चौफला की प्रस्तुतियां दी। मेले में जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग, समाज कल्याण विभाग ने शिविर के माध्यम से लोगों को विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। मकरैण मेला समिति के सचिव कमल रावत ने बताया कि मेले में बुधवार (आज) को ढोल-सागर का आयोजन किया जाएगा। कहा ढोल-सागर प्रतियोगिता के लिए 27 जोड़ियों ने पंजीकरण किया है। संयोजन व संचालन अनुसूया प्रसाद सुंदरियाल ने किया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष नेत्र सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष हुकुम सिंह बिष्ट, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष पौड़ी क्रांति किशोर नेगी, कोषाध्यक्ष सुदामा सिंह रावत, कथावाचक आचार्य विकास पंत, डा. बबीता, धर्मवीर सिंह रावत, प्रकाश सुंदरियाल, प्रकाश चंद्र, चमन लाल आदि मौजूद थे।
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