फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड कार्यों के बहिष्कार पर उतरीं आशा

विज्ञापन
विज्ञापन
कीर्तिनगर ब्लॉक की आशा कार्यकर्ता कोविड-19 के कार्यों के बहिष्कार पर उतर आई हैं। उन्होंने एसडीएम और सीएचसी प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर उन्हें नियमित कर्मचारी घोषित करने की मांग की है।
विज्ञापन

शनिवार को सीएचसी कीर्तिनगर मुख्यालय पर पहुंची आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। कहा कि शासन-प्रशासन की ओर से उन पर अतिरिक्त कार्यों का बोझ डालाजा रहा है। संस्थागत और होम क्वारंटीन किए गए लोगों की दिन में दो बार स्वास्थ्य जांच और अलग-अलग प्रारूपों में कई बार गांव की सर्वे रिपोर्ट मांगी जा रही है।
प्रोत्साहन राशि रजिस्टर कागज और नेटपैक में खर्च हो रही है। कई ग्राम पंचायतों में दो से अधिक राजस्व गांव हैं, जो एक-दूसरे से चार से पांच किमी दूर हैं। कई बार अभद्रता और गाली गलौज के मामले सामने आए हैं। बावजूद इसके चार माह तक कार्य करने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से आशा वर्करों को मात्र एक हजार की सम्मान निधि देने की घोषणा की गई है। कहा कि वे संस्थागत प्रसव, गर्भवतीकी जांच, एचबीएनसी भ्रमण और टीकारण में सहयोग करेंगी, लेकिन कोविड-19 के कार्य नहीं। बात उठाने वालों में आशा संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मी जोशी, विजय लक्ष्मी गैरोला, प्रभा भट्ट, सरिता पुंडीर, संगीता, विनिता, शकुंतला, देवेश्वरी, रजनी, सुनीता, शशी देवी, अनिता, ममता आदि शामिल थीं।
विज्ञापन

यह मसला भी उठाया
आशा कार्यकर्ता मकानी देवी का कोविड-19 के कार्यों के दौरान 14 जून को निधन हो गया था। आशा ने उनका भी मसला उठाया। कहा कि आज तक उनके परिवार को कोई सहायता नही दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें