कोतवाली पौड़ी पुलिस पिंजरें में बंद गुलदार को जिंदा जलाए जाने के मामले की सघनता से जांच में जुटी है। पुलिस ने घटना स्थल पर गए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के दस्तावेज भी विभाग से मांगे हैं। कोतवाल पौड़ी विनोद गुसांई ने बताया कि घटना के प्राथमिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही घटना में संलिप्त अन्य ग्रामीणों की पहचान भी की जा रही है।
विकास खंड पाबौ के ग्राम पंचायत सपलोड़ी की सुषमा देवी अपनी सहेली के साथ विगत 15 मई की शाम को गांव के जंगल हरियालीसैण काफल लेने गई थी। जहां काफल लेकर लौटते समय शाम साढ़े छह बजे घात लगाए गुलदार ने सुषमा पर हमला कर दिया था। जिसमें सुषमा की मौत हो गई थी। जिसके बाद से वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के साथ-साथ पिंजरा भी लगाया था। बीते 24 मई को सपलोड़ी गांव में लगाए गए पिंजरे में एक गुलदार कैद हो गया। जिसे क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिंदा आग के हवाले कर दिया था। जिसमें गुलदार की जलकर मौत हो गई थी। कोतवाली पौड़ी में इस अमानवीय व वन्यजीव क्रूरता को लेकर वन विभाग के वन दरोगा बुआखाल सतीश चंद्र की तहरीर पर ग्राम प्रधान सपलोड़ी अनिल कुमार, ग्रामीण देवेंद्र, हरि सिंह, सरिता देवी, विक्रम सिंह व कैलाश देवी सहित 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। कोतवाल पौड़ी ने मामले की जांच चौकी प्रभारी पाबौ देवेंद्र पंवार को सौंपी है। कोतवाल विनोद गुसांई ने बताया कि पिंजरें में कैद गुलदार को जिंदा जलाए जाने की अमानवीय घटना की जांच गंभीरता के साथ की जा रही है। कहा घटना स्थल पर गए वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ कर ली गई है। साथ ही विभागीय कार्रवाई से जुड़ी पत्रावलियां भी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि घटना के प्राथमिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना में संलिप्त अन्य ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। कोतवाल गुसांई ने कहा कि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।