श्रीनगर। उत्तराखंड में लागू गोल्डन कार्ड (आयुष्मान) योजना को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अधिकारियों, शिक्षकों और अन्य कार्मिकों का कहना है कि हर महीने वेतन से अंशदान कटने के बावजूद कई अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से इन्कार कर रहे हैं, जिससे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इस गंभीर समस्या को लेकर कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। स्वास्थ्य मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि जल्द ही उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन, स्वास्थ्य प्राधिकरण और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में अस्पतालों द्वारा मरीजों का अनिवार्य उपचार सुनिश्चित करने और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द इस समस्या का समाधान करेगी, जिससे उन्हें गोल्डन कार्ड योजना का वास्तविक लाभ मिल सके। मुलाकात के दौरान भारत बिष्ट, अध्यक्ष उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ, जनपद पौड़ी व सीताराम पोखरियाल अध्यक्ष उततरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन उत्तराखंड आदि मौजूद थे।